राकेश रोशन को पहले ही हो गया था कैंसर का आभास

2019-10-19T12:38:11Z

जनवरी में जब रितिक रोशन ने अनाउंस किया कि उनके फादर राकेश रोशन को गले का कैंसर है तो हर कोई शॉक्ड रह गया था। कैंसर से हुई इस जंग के नौ महीने बाद राकेश पॉजिटिविटी से भरे नजर आ रहे हैं

मुंबई (मिड-डे)। कैंसर डायग्नोस होने के बाद पहली बार 'मिड-डे' से बात करते हुए वेटरन फिल्ममेकर राकेश रोशन ने बताया कि इसकी शुरुआत पिछले साल सितंबर में हुई थी जब उन्हें अपनी जीभ के नीचे एक छाला नजर आया। इसको लेकर उनका पहला ख्याल था, 'मैं उम्मीद करता हूं यह कैंसर न हो।' उनका यह डर वाजिब भी था। ऑफ्टरऑल, 2014 में उनकी बेटी सुनैना ने भी तो सर्वाइकल कैंसर को मात दी थी।
उम्मीद नहीं खोनी चाहिए

तीन महीने बाद उन्होंने बायोप्सी कराई और रिपोर्ट आने से पहले ही उन्हें अंदाजा हो गया था कि उन्हें कैंसर है। इसके बाद टॉप एक्सपट्र्स से मिलने पर उनका डर सच साबित हो गया। वह बताते हैं, 'उन्होंने एक बहुत ट्रॉमेटिक प्रोसीजर बताया जिसमें मेरी जीभ को टाकने के बाद कलाई की खाल का हिस्सा लेकर जीभ का सर्फेस रिप्लेस करना था। शुक्र है रितिक डॉक्टर जतिन पी शाह के टच में था जिन्होंने बताया कि ऐसा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह गर्दन पर चीरा लगाते और जहां कैंसर फैल गया उस गांठ को हटा देते।' आपरेशन के दो दिन बाद ही वह घर लौट आए थे। उनका कहना है कि कैंसर शब्द डराता है लेकिन कभी उम्मीद नहीं खोनी चाहिए क्योंकि इसका इलाज हो सकता है।

बेटी से मिली इंस्पिरेशन

उनकी फैमिली उनके साथ मजबूती से खड़ी रही और बेटी सुनैया उनके लिए इंस्पिरेशन साबित हुईं। वह कहते हैं, 'मुझे अपनी स्ट्रेंथ उससे ही मिली थी। मैं याद करता था कि कीमोथेरेपी के दौरान अपने बाल खोने के बावजूद वह कितनी पॉजिटिव रहती थी। एक फैमिली के तौर पर हमने काफी ट्रॉमा बर्दाश्त किया है। सुनैया को कैंसर हुआ, रितिक की ब्रेन सर्जरी हुई, मुझपर गोली चली और मुझे बाईपास करना पड़ा, मेरी वाइफ पिंकी को भी हार्ट प्रॉब्लम है। पर हम मजबूती से एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।'
hitlist@mid-day.com


Posted By: Mukul Kumar

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.