जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते तब तक धरना स्थल खाली नहीं करेंगे : किसान नेता राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि जब तक तीन कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक किसान धरना स्थल खाली नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अब यही धरना स्थल हमारा घर है। सरकार यहीं पर किसानों का वैक्सीनेशन करवाए।

Updated Date: Thu, 22 Apr 2021 04:38 PM (IST)

नई दिल्ली (एएनआई)। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार को कहा कि जब तक तीन कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी। उन्होंने दोहराया कि विरोध स्थल अब किसानों के घर है। किसानों के समूह में कोरोना वायरस बढ़ने के आरोपों का जवाब देते हुए राकेश टिकैत ने कहा, किसान अपने घर पर हैं। हम उन्हें और कहां जाने के लिए कहेंगे? क्या कोरोना यहां से फैल रहा है? हम यहां रह रहे हैं?" पिछले पांच महीनों में, यह अब हमारा घर है। यही अब हमारा गांव है। यहां कैंप लगवाया जाए, हम वैक्सीन लगवाएंगे। हम यहां कम लोगों को रखेंगे और बैठक नहीं होगी, लोग आते जाते रहेंगे। आज हम 2 दिन के लिए हरियाणा जाएंगे।

Farmers are at their home. Where else will we ask them to go? Is Corona spreading from here? We've been living here for last 5 months, it's our home now...Many farmers took vaccine but are struggling to get the 2nd dose. We've told officers to set up camp here: Rakesh Tikait, BKU pic.twitter.com/wAq8MbTULl

— ANI UP (@ANINewsUP) April 22, 2021


वैक्सीन की दूसरी खुराक पाने के लिए संघर्ष कर रहे किसान
बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि कई किसान कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हमने अधिकारियों को यहां शिविर लगाने के लिए कहा है। वहीं उन्होंने इस आरोप का भी खंडन किया कि किसानों ने इफ्तार में कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकैत ने कहा, लोग एक दूसरे से थोड़ी दूरी पर बैठे थे। सरकार द्वारा 50 लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति है। 22-35 लोग थे। कोई भी एक-दूसरे से नहीं मिला, किसी ने भी हाथ नहीं हिलाया।
किसान 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डटे
बता दें कि हजारों किसान दिल्ली सीमा पर - सिंघू, टिकरी, और गाजीपुर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, नए कृषि कानूनों के खिलाफ जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक दिए गए हैं। किसान 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमा पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 , किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 का विरोध हो रहा है।

Posted By: Shweta Mishra
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