भारत के 14वें राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद बनेंगे। 25 जुलाई को वह राष्‍ट्रपति पद की शपथ लेंगे। रामनाथ कोविंद बिहार के गर्वनर भी रहे हैं। इससे पहले भारत के 13 राष्‍ट्रपति बन चुके हैं जो अपने कार्यकाल के दौरान किसी न किसी बात को लेकर चर्चा में रहे। आइए जानते हैं भारत के राष्‍ट्रपतियों की बड़ी-बड़ी उपलब्‍धियां....


1. राजेंद्र प्रसाद (1950-62): भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद थे। वह 12 साल तक देश के राष्ट्रपति पद पर आसीन रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई ऐसे कार्य किए जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए नजीर बना। खास तौर पर उनका सोमनाथ मंदिर के जिर्णोद्धार में जाने का फैसला काफी हैरान करने वाला था। उस समय प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू इस बात को राजी नहीं थे, फिर भी राजेंद्र प्रसाद ने उनकी इच्छा के विरुद्ध यह कदम उठाया।3. डॉ जाकिर हुसैन (1967-69): डॉ जाकिर हुसैन देश के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे। यह सबसे कम, महज दो साल समय तक देश के राष्ट्रपति रह सके। इनके बाद वीवी गिरी को कार्यकारी राष्ट्रपति बनाया गया था। जाकिर हुसैन प्रसिद्ध शिक्षाविद् और जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के संस्थापकों में से थे।


5. फखरूद्दीन अली अहमद (1974-77): फखरूद्दीन अली अहमद देश के दूसरे मुस्लिम राष्ट्रपति थे। यह वही समय था जब देश में अपातकाल लगा था। उनकी पदस्थ रहते हुए मृत्यु हो गयी। वे दूसरे राष्ट्रपति थे जो अपना कार्यकाल पूरा कर सके। इनके नाम पर असम में एक मेडिकल कॉलेज भी खोला गया है।

7. ज्ञानी जैल सिंह (1982-87): ज्ञानी जैल सिंह देश के पहले सिख राष्ट्रपति थे। उनके कार्यकाल में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर उन्हें सिख समुदाय के गुस्से का शिकार होना पड़ा था। यह भी कहा जा रहा था कि उनकी सहमति के बिना ब्लू स्टार ऑपरेशन शुरू करना मुश्किल होता क्योंकि सेना को जारी किए जाने वाले आदेश पर राष्ट्रपति का ही हस्ताक्षर होता है। 9. शंकर दयाल शर्मा (1992-97): राष्ट्रपति बनने से पहले शंकर दयाल शर्मा देश के उप-राष्ट्रपति भी रह चुके थे। अपने कार्यकाल के दौरान 14 दया याचिकाओं को लौटा देने के लिए उन्हें विशेष रूप से याद किया जाता है। 11. एपीजे अब्दुल कलाम (2002-07): अब्दुल कलाम मुख्यतः वैज्ञानिक थे जिन्होंने मिसाइल और परमाणु हथियार बनाने मुख्य योगदान दिया. इस कारण उन्हें भारत रत्न भी मिला. उन्हें भारत का मिसाइल मैन भी कहा जाता है। 13. प्रणब मुखर्जी (2012-2017):

प्रणब मुखर्जी देश के पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्हें इससे पहले केंद्र में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में काम करने का अनुभव हासिल था। प्रणब मुखर्जी भारत सरकार में वित्त मंत्री, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और योजना आयोग के उपाध्यक्ष रह चुके है। अपने कार्यकाल में उन्होंने 30 से अधिक दया याचिकाओं को खारिज किया। 25 जुलाई को उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसके बाद रामनाथ कोविंद नए राष्ट्रपति होंगे।

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Posted By: Abhishek Kumar Tiwari