माहे रमजान पहली तरावीह के साथ माहे रमजान का आगाज

2019-05-07T09:23:09Z

रमजान का चांद नजर आ गया इसी के साथ रमजान का सफर शुरू हो गया है

-पहली तरावीह को नमाजियों से गुलजार रहीं मस्जिदें

-14:52 घंटे का है आज का पहला रोजा

bareilly@inext.co.in
BAREILLY:  रमजान का चांद नजर आ गया. इसी के साथ रमजान का सफर शुरू हो गया है. सोमवार को मस्जिदों में पहली तरावीह पढ़ी गई. इबादत और तिलावत का यह सिलसिला महीना भर चलेगा. मंगलवार के पहले रोजे की मियाद 14:52 घंटे है. सोमवार को पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस पर चढ़ा था, जिसके मंगलवार को 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अंदेशा है. सूरज की इस तपिश और मौसम से बेपरवाह होकर बूढ़े, बच्चे, औरतें रोजा रखेंगे.

लोगों ने चांद की मुबारकबाद पेश की
मंगलवार से रमजान हैं. इसका एलान रविवार को ही हो गया. बावजूद इसके अकीदतमंदों में चांद के दीदार की हसरत बाकी रही. मंडे को शाम ढलते ही लोग छत पर चढ़ गए. आसमान में टकटकी लगाकर चांद निहारा और मुबारकबाद दी. दरगाह आला हजरत, खानकाह-ए-नियाजिया में भी चांद देखने की रस्म अदा की गई. दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां, खानकाह-ए-नियाजिया के प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी समेत अन्य लोगों ने चांद की मुबारकबाद पेश की है.

पहली तरावीह को गुलजार मस्जिदें
सोमवार को पहली तरावीह थी. नमाजियों की आमद से मस्जिदें फुल रहीं. दरगाह आला हजरत, सिटी मस्जिद समेत शहर भर की तमाम मस्जिदें नमाजियों से गुलजार रहीं.

बाजार में छाई रंगत
सोमवार को बाजार भी रमजान का इस्तकबाल करता नजर आया. सहरी-इफ्तार की खरीदारी के लिए सब्जी, फल, खजूर, मेवा, सेवई, दूध की दुकानों पर भीड़ नजर आई. टोपी, जा-नमाज की दुकानों पर भी भीड़-भाड़ रही.

बच्चों में गजब का उत्साह
रोजा रखने को लेकर बच्चों में गजब का जोश है. पहली बार रोजा रखने वाले ज्यादा उत्साहित हैं. पुराना शहर के इमदाद दस साल के हैं. उन्होंने रोजा रखने का इरादा किया है.

गरीब रोजदारों की मदद करें मालदार
दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने मालदार मुसलमानों से गरीबों की मदद के लिए हाथ बढ़ाने की इल्तिजा की है. खासतौर से गरीबी में रोजा रखने वालों की. उनकी सहरी-इफ्तार का ख्याल रखें. सज्जादानशीन ने कहा कि रोजा हर बालिग मर्द-औरत पर फर्ज हैं. जानबूझकर रोजा न रखने वाले गुनहगार होंगे. इस माह अल्लाह अपने बंदों पर रहमत नाजिल करता है. गरीब, बेसहारा, बेवा सब रोजा रखते हैं. मालदार मुसलमान उनका ख्याल रखें. जकात-खैरात और दूसरे तरीके से भी मदद करें. इस महीने एक नेकी के बदले सत्तर नेकी मिलती हैं. दरगाह पर चांद देखने वालों में नासिर कुरैशी, शाहिद नूरी, परवेज नूरी, अजमल नूरी आदि मौजूद रहे.


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