ऐसेऐसे सवाल कि जवाब देते नहीं बना

2019-03-05T06:00:39Z

आरटीआई में उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के भर्ती विज्ञापन संख्या 47 से जुड़े हैं कई अहम सवाल

vikash.gupta@inext.co.in

PRAYAGRAJ: उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में पेपर आउट प्रकरण के आरोपों के बाद कई सवाल उठ रहे थे। इसी क्रम में प्रकरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत मांगी गई तो आयोग के माथे पर बल पड़ गया। रूम नम्बर 25, कुन्दन विला फ्लोर थ्री, गुम्बद वाली गली, 375 कटवरिया सराय नई दिल्ली निवासी सुरेन्द्र कुमार मिश्रा ने आयोग के भर्ती विज्ञापन संख्या 47 के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा से जुड़े ऐसे-ऐसे सवाल आयोग से पूछे कि सूचना देने में आयोग के शब्द ही फिसलते नजर आ रहे हैं। आयोग के जन सूचना अधिकारी डॉ। शिव जी अग्रवाल की ओर से सवालों का कुछ इस तरह जवाब दिया गया है

सार्वजनिक करना अत्यंत आवश्यक

सुरेन्द्र मिश्रा ने उशिसे आयोग से सवाल नम्बर 07 से 12 के बीच सगे संबंधियों से जुड़े कई प्रश्न पूछ डाले। उनके मुताबिक विज्ञापन संख्या 47 के बाबत प्रबल संभावना है कि आयोग के जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने परीक्षा के सभी प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को (20-25 लाख रुपए प्रति अभ्यर्थी) बेचा है। जनहित में इन जानकारियों को सार्वजनिक करना जरूरी है।

ये सवाल पूछे गए थे

1. क्या 12 जनवरी 2019 को हुई विज्ञापन संख्या 47 की परीक्षा के पेपर्स की सील ट्रेजरी में जमा कराने से पहले टूटी थी? यदि हां तो सील टूटे पेपर्स किसकी जिम्मेदारी पर जमा कराए गए थे? क्या सचिव ने पेपर्स की सील टूटने की जिम्मेदारी ली थी?

उत्तर: सूचना गोपनीय होने के कारण देय नहीं है।

2. सभी चरणों की परीक्षा में लगाए गए पर्यवेक्षकों की चरणवार अनुमोदित सूची। क्या यह सूची आयोग और सचिव द्वारा सत्यापित है?

उत्तर: गोपनीय होने के कारण देय नहीं है।

3.परीक्षा केन्द्रों कुलभाष्कर डिग्री कालेज, सेंट मैरी लूकस स्कूल व केपी उच्च शिक्षा संस्थान में हुई सभी चरणों की परीक्षा के दौरान की सभी परीक्षा कक्षों की तिथिवार, केन्द्रवार व कक्षवार सीसीटीवी रिकार्डिग की कॉपी।

उत्तर: कॉपी नियमों में देय नहीं है।

4. जिन परीक्षा केन्द्रों के परीक्षा कक्षों और परीक्षा नियंत्रण कक्षों में सीसीटीवी नहीं थे या नहीं चल रहे थे, उन सभी की पूरी जानकारी।

उत्तर: गोपनीय होने के कारण देय नहीं है।

5. 05 जनवरी को हुई परीक्षा के दौरान एक महिला ने परीक्षा केन्द्र का बतौर पर्यवेक्षक दौरा किया। इनके साथ एक दूसरी महिला भी मौजूद थी। पर्यवेक्षक का आयोग के एक सदस्य से कौन सा पारिवारिक रिश्ता है? वहीं दूसरी महिला परीक्षा केन्द्र में किस अधिकार से उपस्थित थी? क्या इन्हें सचिव की अनुमति लेकर पर्यवेक्षक बनाया गया?

उत्तर: सूचना तीसरे पक्ष से संबंधित होने के कारण देय नहीं है।

6. क्या केपी उच्च शिक्षा संस्थान को परीक्षा केन्द्र बनाए जाने के लिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की अनुमति ली गई थी? जिन परीक्षा केन्द्रों के लिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से अनुमति नहीं ली गई। उनका पूरा विवरण दें।

उत्तर: परीक्षा केन्द्र बनाया जाना आयोग के विवेक पर निर्भर करता है।

7. एजुकेशन विषय में एक महिला अभ्यर्थी का आयोग के सदस्य से कोई पारिवारिक रिश्ता है क्या? अगर हां, तो संबंध का नाम बताएं।

उत्तर: सूचना व्यक्तिगत एवं तीसरे पक्ष से संबंधित होने के कारण नहीं दिया जा सकता।

8. आयोग के कितने पदाधिकारियों (अध्यक्ष और सदस्यगण) ने परीक्षा में सम्मिलित हो रहे अभ्यर्थियों के अपने सगे संबंधी न होने का प्रमाण पत्र दिया है?

उत्तर: अस्पष्ट है अत: उत्तर देय नहीं है।

9. आयोग के कितने पदाधिकारियों (अध्यक्ष और सदस्यगण) के सगे संबंधी परीक्षा में सम्मिलित हुए हैं?

उत्तर: सूचना व्यक्तिगत होने के कारण देय नहीं है।

10. परीक्षा प्रक्रिया से आयोग की एक महिला सदस्या को किस कारण से बाहर रखा गया है? परीक्षा के कितने चरणों में और किस स्तर पर उनकी सेवाएं ली गई?

उत्तर: परीक्षा प्रक्रिया विवेक का विषय है। इसकी सूचना दिया जाना संभव नहीं है।

11. आयोग के मेन गेट के सीसीटीवी कैमरे की अगस्त 2018 के आरंभ से दिसंबर 2018 के अंत तक की प्रत्येक कार्यदिवस की सीसीटीवी फुटेज की कॉपी।

उत्तर: फुटेज गोपनीयता एवं स्वायत्ता के कारण दिया जाना संभव नहीं है।

12. आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों द्वारा पदभार धारण करने से लेकर दिसंबर 2018 तक लिए गए अवकाश का पूरा विवरण (अवकाशों की संख्या, प्रकार आदि)

उत्तर: प्रत्येक कार्य दिवस की सूचना देय नहीं है।

13 परीक्षा के कुछ दिन पहले ही पुरानी एजेंसी को हटाकर नई एजेंसी को क्यों हायर किया गया? क्या इस एजेंसी के मालिक/प्रबंधक आदि आयोग के किसी सदस्य से किसी प्रकार का संबंध रखते हैं? क्या आयोग के एक सदस्य के किसी पूर्व पेशकार (जब माननीय सदस्य जज थे) का हायर की गई नई एजेंसी के मालिकों/प्रबंधकों से कोई संबंध है?

उत्तर: एजेंसी के मालिक का सदस्य से कोई संबंध नहीं है और न ही कभी उनके पेशकार रहे। एजेंसी नियुक्त करने का अधिकार आयोग का है।

14. हायर की गई एजेंसी के बारे में पूरी जानकारी प्रदान करें। (एजेंसी का नाम, पता, मालिक/प्रबंधकों आदि के महत्वपूर्ण लोगों के नाम और इन लोगों के माता-पिता के नाम आदि)

उत्तर: सूचना गोपनीय होने के कारण देय नहीं है।

15. आयोग के एक सदस्य ने विदेश जाने के लिए किस प्रकार का अवकाश लिया था?

उत्तर: जिस सदस्य के बारे में सूचना मांगी गई है। उन्होंने अवकाश प्राप्त कर लिया है।

16. इस सदस्य के विदेश दौरे से संबंधित बैंकाक से माननीय सदस्य के खिलाफ जो शिकायती पत्र आया था, उस संबंध में अब तक क्या कार्यवाही हुई? क्या इस संबंध में आयोग द्वारा शासन को जानकारी भेजी गई है ?

उत्तर: सूचना व्यक्ति होने के कारण तथा तीसरे पक्ष से संबंधित होने के कारण देय नहीं है।


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