छोटे दुकानदारों को हाउस टैक्स में राहत

2019-07-16T11:17:26Z

उत्तर प्रदेश में अब पांच गुना के बजाय डेढ़ गुना ही देना होगा टैक्स यूपी कैबिनेट ने कई मामलों पर लगाई मुहर। लखनऊ और गाजियाबाद के लिए जारी होगा म्यूनिसिपल बांड और आबकारी नीति में संशोधन मिलावटी और महंगी शराब पर सजा भी मिलेगी।

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LUCKNOW: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट ने 12 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा दी जिनमें छोटे दुकानदारों को हाउस टैक्स में राहत देना शामिल है. राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कैबिनेट के बाद पत्रकारों को बताया कि कैबिनेट में संपत्ति वर्गीकरण असमानता को दूर किया गया है. इसके तहत 120 वर्ग फिट की दुकानों जैसे चाय, ब्रेड, दूध, दर्जी, अंडों, पान, लांड्री, फल एवं सब्जियां, फोटोस्टेट, हेयर ड्रेसर आदि से आवासीय दर का डेढ़ गुना टैक्स लिया जाएगा. अभी तक यह दर पांच गुना थी. इससे लाखों की संख्या में छोटे दुकानदारों को फायदा होगा.


 

मिलावट, ओवर रेटिंग पर सख्ती

इसके अलावा कैबिनेट में आबकारी नीति 2019-20 में कुछ नियमों के पालन में व्यवहारिक कठिनाइयों को देखते हुए नियमों में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसमें पहले डिस्टलरी के पास तीन दिन तक होलसेल का इंडेंट नहीं देते थे तो 0.5 फीसद ब्याज या इससे अधिक समय पर पांच हजार प्रतिदिन जुर्माना लगता था. यदि उसने तय मानक की सप्लाई की है तो अब इसे शिथिल किया जाएगा. वहीं शराब में मिलावट पर जुर्माने के प्रावधान को खत्म करते हुए अब लाइसेंस निरस्त किया जाएगा. राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही कर गलत कृत्य से हुई आय की वसूली की जाएगी. ओवर रेटिंग पर भारी जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी. आबकारी नीति में संशोधन के बाद अब रेस्टोरेंट 20, 30 लीटर और 50 लीटर के बियर रख सकेंगे. पहले यह प्रवधान केवल 50 लीटर था. बड़े रेस्टोरेंट एवं होटल में 4 हजार रुपये से ऊपर की ब्रांड का मोनो कार्टेज की अनुमति दी गयी है. पहले गारंटी के लिये केवल बचत पत्र लिया जाता था, अब ई पेमेंट और एफडीआर भी लिया जाएगा. सरकार ने एमआरपी से अधिक दाम लेने पर दुकानदार पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है. एमआरपी से अधिक कीमत पर उत्पाद बेचने पर पहली बार पकड़े जाने पर 10, दूसरी बार 20, तीसरी बार 30 हजार के जुर्माने को बढ़ाकर 75 हजार और डेढ़ लाख कर दिया है. इसके बाद लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.


 

दो नगर निगम बेच सकेंगे बांड

कैबिनेट ने लखनऊ तथा गाजियाबाद नगर निगम द्वारा अब बांड बेच सकने का फैसला भी लिया है. सरकार ने नगर निगम लखनऊ और गाजियाबाद के लिये म्युनिसिपल बांड और अवस्थापना विकास निधि के लिये क्रेडिट रेटिंग को मंजूरी दे दी है. पहली बार यूपी में मार्केट से पैसा लिया जाएगा. लखनऊ के लिये 200 और गाजियाबाद के लिये 150 करोड़ मार्केट से उठाया जाएगा. इससे लखनऊ में पेयजल तथा सीवरेज सिस्टम सुधारा जाएगा. वहीं गाजियाबाद में टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट (टीटीपी) लगाया जाएगा, इससे पानी को शोधित कर के पीने योग्य बनाया जाएगा. अभी तक यह व्यवस्था गुजरात के सूरत और दिल्ली में ही है. यह दस वर्ष का बांड होगा. इस पर 9.5 फीसद ब्याज देय होगा. केंद्र इसके लिए हर 100 करोड़ पर 13 करोड़ सब्सिडी देगा. इसमें सेबी के मानकों का पालन किया जाएगा.


 

ये फैसले भी लिए गये

- प्रदेश सरकार के प्रतीक चिह्न (लोगो) के दुरुपयोग को रोकने के लिए भारत सरकार के नियमों के तहत दंडनीय अपराध माने जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. नियमों का उल्लंघन करने पर 5000 रुपये जुर्माना और दो साल की कैद का प्रावधान किया गया है.

 

- सरकार ने डिफेंस कॉरिडोर के लिए अलीगढ़ में कृषि विभाग की 45.49 हेक्टेयर जमीन नि:शुल्क औद्योगिक विकास विभाग को देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. इसके अलावा डिफेंस कॉरीडोर के लिए सरकार 2500 एकड़ भूमि का अधिग्रहित कर चुकी है. इसमें से अधिकांश जमीन बुंदेलखंड में है.

 

- यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर और दारोगा भर्ती में प्रमोशन के नियमों में भी बदलाव किया गया है. पहले 100-100 नंबर की चार विषयों की परीक्षा में 50 फीसद अंक पास होने के लिए अनिवार्य थे. अब एक विषय में 35 फीसद कर दिया गया हैं, लेकिन चारों विषयों को मिलाकर 50 फीसद अंक लाना अनिवार्य होगा.

 

- लंबे समय से पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के खाली पड़े संयुक्त निदेशक के पद भरे जा सकेंगे. कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के उपनिदेशक के पद से संयुक्त निदेशक के पद पर पदोन्नति के लिए चयन प्रक्रिया के निर्धारण के लिए नियमावली के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

 

- कैबिनेट ने यूपी वेयरहाउसिंग तथा लॉजिस्टिक्स नीति 2018 में संशोधन का निर्णय लिया है. इसके तहत विकास शुल्क में टोकन की दर 25 फीसद अर्थात विकास शुल्क में 75 फीसद की छूट रखा जाना प्रस्तावित है.

 

- कैबिनेट ने लोक सेवा अधिकरण संशोधन अधिनियम को मंजूरी दी है. इसके तहत अब अध्यक्ष के मामले में 65 वर्ष की आयु और उपाध्यक्ष या किसी सदस्य के मामले में 62 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद पद धारण नहीं करेगा. जल्द भी अधिकरण में रिक्त चल रहे 13 पद भी भरे जाएंगे.


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