लखनऊ में सरकारी अफसर कर्मचारी पर लाखों की ठगी का मुकदमा दर्ज

2019-03-30T12:42:52Z

हजरतगंज पुलिस ने उपसचिव के खिलाफ दर्ज की 20 लाख ठगी की रिपोर्ट। राजकीय निर्माण निगम के क्लर्क पर तीन गाडिय़ां हड़पने का आरोप।

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LUCKNOW : सरकारी अफसर और कर्मचारी के खिलाफ ठगी के दो मामले राजधानी के अलग-अलग थाने में दर्ज कराए गए हैं। व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विभाग में तैनात उप सचिव पर आगरा के ठेकेदार ने 20 लाख रुपये धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। वहीं विभूतिखण्ड स्थित राजकीय निर्माण निगम में कार्यरत एक क्लर्क श्रीकांत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि क्लर्क ने विभाग में तीन गाडिय़ां ठेके पर लगवाने के नाम पर हड़प लीं।

ठेका दिलाने का नाम ठगी
ठेकेदार विनोद कुमार सिंह का कहना है कि उसके मित्र ओमप्रकाश सिंह ने 2017 में जानकारी दी कि प्रदेश शासन ने आईटीआई स्कूलों में सोलर प्लांट लगाने का ठेका निकला है। ठेके सचिवालय स्थित व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विभाग में तैनात उप सचिव श्याम मोहन तिवारी दिला सकते हैं। इस पर विनोद ने उपसचिव से संपर्क किया। उपसचिव ने ठेका दिलाने के नाम पर विनोद से 21.50 लाख रुपये एडवांस ले लिए। इसके बाद उप सचिव ने विनोद को ठेके से संबंधित दस्तावेज भी दिए। जो जांच में फर्जी निकले।
सिर्फ 1.5 लाख किए वापस
वनोद का कहना है कि जब वे उप सचिव के घर गए तो उन्होंने 1.5 लाख वापस किए और बाकी काम दिलाने के नाम पर रख लिए। ठेकेदार का कहना है कि सीएम ऑफिस में शिकायत के बाद उप सचिव के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और धमकाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
8 गाडिय़ों का कांट्रेक्ट
इंदिरा नगर में रहने वाले अक्षय शुक्ला का कहना है कि विभूतिखंड स्थित राजकीय निर्माण निगम में क्लर्क श्रीकांत शर्मा से लिखापढ़ी कर 8 गाडिय़ों का अनुबंध किया गया था। माह बीतने पर उन्हें कुछ ही गाडिय़ों का किराया मिला। जब श्रीकांत से संपर्क किया तो वह टालमटोल करने लगा और कहा कि उनकी गाडिय़ों को गिरवी रख दिया है। गाडिय़ों में जीपीएस था जिससे 6 गाडिय़ों तो मिल गईं लेकिन बाकी में जीपीएस न होने पर वे नहीं मिलीं। पीडि़त की शिकायत पर विभूतिखंड पुलिस ने श्रीकांत के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर ली।



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