विदेशी लुटेरों का देसी गैंग उड़ा रहा नकदी

2019-03-09T06:00:16Z

- दिल्ली से पूर्वाचल में संचालित हो रहा गिरोह

- बेरोजगार युवकों को झांसे में लेकर बनाते शिकार

GORAKHPUR: एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर नकदी उड़ाने वाले गैंग की सक्रियता ने पुलिस की परेशानी बढ़ा दी है। इंडिया में टूरिस्ट बनकर आने वाले फॉरेनर स्कीमर के जरिए पूरे पूर्वाचल में गिरोह चला रहे हैं। विदेशी लुटेरों के साथ मिलकर लोकल बदमाश लोगों के मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे। दो दिन पहले लखनऊ में पकड़े गए रोमानिया के युवकों से पूछताछ के बाद हर जिले में फैले नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी गई है। गोरखपुर में नाइजीरियन गैंग के इशारे पर काम करने वाले युवक पकड़े जा चुके हैं। दो दिन पूर्व तिवारीपुर पुलिस ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराकर ठगी करने वाले बदमाशों से जुड़े शिवपुर सहबाजगंज मोहल्ला निवासी शुभम पांडेय को अरेस्ट किया था। एसएसपी ने कहा कि ऑनलाइन जालसाजी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। एटीएम कार्ड, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सहित अन्य सुविधाओं के उपभोग के दौरान लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। बैंक अधिकारियों की मदद से स्कीमर लगाने संबंधी जांच पड़ताल की जाएगी।

पहले नाइजीरिया, फिर धराया रोमानिया का गैंग

प्रदेश के कई जिलों से एटीएम में स्कीमर लगाकर लोगों के एकाउंट से रुपए उड़ाने का खेल चल रहा है। लोगों का एटीएम कार्ड जेब में होने के बावजूद दूसरी जगहों से रुपए निकल जाने की शिकायतें पुलिस को मिलती हैं। शहर में करीब हर माह ऐसी चार-पांच शिकायतें सामने आती हैं। मुकदमा दर्ज करने के सिवा पुलिस के पास कोई विकल्प नहीं बचता है। दो दिन पूर्व लखनऊ में पुलिस ने रोमानिया के युवकों को अरेस्ट किया। टूरिस्ट वीजा पर देश में आए बदमाशों ने अपना नेटवर्क फैलाया था। वह स्कीमर के जरिए एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर नकदी उड़ाते थे। उनसे पूछताछ में सामने आया कि वह कई जगहों के युवकों को अपने साथ जोड़कर रखते हैं। जिनकी मदद से रुपए उड़ाने का खेल चलता है। इसके पूर्व नाइजीरिया का गैंग शहर में पकड़ा जा चुका है जो बिहार के युवकों संग मिलकर फ्रॉड करता था। लखनऊ में जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली के महरौली से तीन रोमानिया के नागरिकों को पकड़ा। तीनों विदेशी नागरिक रेगिन राज्य मुरेस रोमानिया निवासी तनाशा फ्लोरिन, बुनुस अगस्टीन और मालडोवेन मिरसिया हैं। तीनों अपने दो अन्य साथियों संग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे।

यूपी के कई जिलों में फैलाया जाल

लखनऊ में साइबर सेल नोडल अभय मिश्र की टीम ने विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता लगा था कि रोमानिया गैंग स्कीमर चिप और डिवाइस खुद तैयार करता था। यही नहीं डिवाइस को लगाने के लिए वह लोकल लोगों का यूज नहीं करते थे। गैंग के दो सदस्य मौका देखकर स्कीमर लगा देते हैं। फिर दिन भर उसे छोड़कर रात में निकाल लेते थे। दिनभर एटीएम में यूज कार्ड का डाटा चिप में कापी हो जाता है। बटन के पास लगे कैमरे की मदद से पिन नंबर भी ट्रैक कर लेते थे। एटीएम कार्ड का पिन और डिटेल मिलने के बाद क्लोन तैयार करके जालसाज किसी दूसरी जगह से रुपए निकाल लेते थे। पूरे यूपी में विदेशी गैंग करीब पांच करोड़ रुपए की ठगी कर चुका था। इस गैंग से जुड़े लोगों को पहले भी गोरखपुर, दिल्ली और मुंबई में पकड़ा जा चुका है।

एटीएम कार्ड के फ्रॉड से ऐसे करें बचाव

- सिक्योरिटी गार्ड वाले एटीएम बूथ पर रुपए निकालने जाएं।

- किसी खाली, सुनसान जगह पर स्थित एटीएम मशीन का यूज कभी न करें।

- एटीएम रूम में अकेले प्रवेश करें। किसी अन्य की उपस्थिति में उसके बाहर आने का इंतजार करें।

- एटीएम मशीन में कार्ड लगाने के पहले जांच पड़ताल कर लें। कोई शक होने पर पुलिस को सूचना दें।

- मशीन में कार्ड लगाते समय उसकी प्लेट अगर हिल रही है तो कार्ड लगाने से बचें।

- पिन और पासवर्ड डालते समय ऊपर हाथ लगाकर इंट्री करें। इससे किसी बाहरी कैमरे की नजर नहीं पड़ेगी।

- ट्रांजेक्शन पूरा होने के बाद कैंसिल होने तक मशीन के पास मौजूद रहकर इंतजार करें।

बॉक्स

सैनिक की जेब में कार्ड, निकल गए रुपए

10 जनवरी 2019: चौरीचौरा एरिया के रौतनिया सरदार निवासी रामाश्रय यादव के एकाउंट से सवा लाख रुपए निकल गए। 09 जनवरी को वह कुसम्ही बाजार में नकदी निकालने गए थे। 10 जनवरी की सुबह उनके मोबाइल पर रुपए निकलने का मैसेज आया। रेलवे स्टेशन स्थित एटीएम से उनका कार्ड यूज करके पैसा निकाला गया था। जबकि कार्ड सैनिक की जेब में पड़ा हुआ था। सैनिक का मामला होने से पुलिस हरकत में आई। इसके अलावा इस माह 15 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिनमें लोगों की जेब में एटीएम कार्ड होने के बावजूद रुपए निकल गए।

वर्जन

एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर, पिन-पासवर्ड चुराकर जालसाजी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतकर इससे बचाव किया जा सकता है। स्कीमर के जरिए भी फ्रॉड के मामले सामने आ चुके हैं। इसलिए हर किसी को चाहिए कि वह सजग रहकर जालसाजों से बचाव करें।

- डॉ। सुनील गुप्ता, एसएसपी


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