शाही शादी में नहीं हुआ मानकों का उल्लंघन

2019-07-10T06:00:58Z

- हाई कोर्ट में जिला प्रशासन चमोली ने सौंपी विस्तृत रिपोर्ट

- शादी में न प्रदूषण मानक टूटे और न वन्यजीवों पर पड़ा किसी तरह का प्रभाव

NAINITAL: औली में भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी कारोबारी गुप्ता बंधुओं के बेटों की शादी में किसी तरह के पर्यावरण मानकों का उल्लंघन नहीं हुआ। 18 से 23 जून तक हुई शादी में न प्रदूषण मानक टूटे और न इस शादी से वन्यजीवों पर किसी तरह का प्रभाव पड़ा। एक जनहित याचिका में दिए गए आदेश के बाद जिला प्रशासन चमोली ने हाईकोर्ट में दाखिल जबाव में यही उल्लेख किया है।

कोर्ट ने दिए थे निगरानी के निर्देश

पर्यटन स्थल औली में गुप्ता परिवार के बेटों की शादी का मामला हाई कोर्ट में जनहित याचिका के जरिये पहुंचा था। कोर्ट ने प्रदूषण मानकों समेत साफ सफाई इत्यादि की निगरानी के निर्देश दिए। कोर्ट ने तीन करोड़ रुपये बतौर सिक्योरिटी जमा कराने के निर्देश भी दिए। गुप्ता बंधुओं की शादी के आयोजकों द्वारा डेढ़-डेढ़ करोड़ के चेक जिला प्रशासन को सौंपे थे। चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की ओर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत एसडीएम जोशीमठ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य सचिव, सीओ जोशीमठ, उपवन संरक्षक नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क, नगरपालिका जोशीमठ के अधिशासी अधिकारी, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट को संलग्न करते हुए हाई कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया है।

आयोजकों पर बकाया है 2.60 लाख

औली में समारोह के बाद पालिका द्वारा साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाओं के लिए 8.14 लाख रुपये खर्च की सूची गुप्ता बंधुओं के प्रबंधक व व्यवस्थापक को प्रस्तुत की गई। जिसमें से 2.60 लाख रुपये अभी शेष है। विवाह स्थल की निगरानी को पालिका ने एक सुपरवाइजर व 15 पर्यावरण मित्र तैनात किए थे। 13 जून से 30 जून तक जैविक-अजैविक कुल 326 क्विंटल कूड़ा निस्तारण किया गया। रिपोर्ट में साफ किया गया है कि अब वहां कूड़ा कचरा नहीं है। 28 जून को नगरपालिका की ओर से क्लिपटॉप होटल के सीवरेज टैंक से सीवर का लीकेज होने पर 25 हजार का अर्थदंड वसूला गया। जिला पर्यटन अधिकारी चमोली ने बताया है कि विवाह आयोजन में एक हजार वर्ग फीट टैंट, ग्लास हाउस, रिसेप्शन स्टेज, मंडप आदि अस्थायी निर्माण किया गया था। विवाह स्थल पर किसी तरह की जेसीबी का प्रयोग नहीं किया गया। जनरेटर समेत विद्युत उपकरणों के स्थापित करने में कोई भी पेड़ का कटान नहीं किया गया। ध्वनि प्रदूषण भी नहीं हुआ। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि 21-22 जून को साफ सफाई के मामले में आयोजकों को नोटिस दिया गया था। इसके अलावा शादी समारोह में अतिथि, मजदूरों-श्रमिकों की आवासीय व्यवस्था, वन एवं पर्यावरण प्रदूषण, हेलीकॉप्टर संचालन, यातायात नियमों के पालन, रसोई गैस, पर्यावरण व ध्वनि प्रदूषण नियमों का किसी तरह का उल्लंघन नहीं हुआ है।


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