लखनऊ : सिपाही की मौत का एससी-एसटी आयोग ने लिया संज्ञान

Updated Date: Thu, 04 Oct 2018 05:48 PM (IST)

एसपी बाराबंकी से अध्यक्ष बृजलाल ने पूछा क्या की कार्यवाही। जांच के दिए निर्देश पुलिसकमियों की छुट्टियों का ब्योरा भी मांगा।

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : बाराबंकी में महिला सिपाही मोनिका रावत द्वारा खुदकुशी किए जाने के मामले का उप्र राज्य एससी-एसटी आयोग ने संज्ञान लेते हुए एसपी बाराबंकी से जवाब तलब किया है। आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी बृजलाल ने महिला सिपाही के सुसाइड नोट पर एसपी बाराबंकी को चौबीस घंटे के भीतर आयोग को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है। साथ ही महिला सिपाही और बाकी पुलिसकर्मियों के बारे में भी अहम जानकारियां मांगी है।
बाकियों का भी भेजें ड्यूटी चार्ट
इतना ही नहीं, आयोग ने एसपी से पूछा कि महिला सिपाही वहां कब से तैनात थी और सीसीटीएनएस में इसकी क्या ड्यूटी थी। उसकी बाहर ड्यूटी किस आधार पर लगाई जाती थी। कितने दिन उसने सीसीटीएनएस में ड्यूटी की और कितने दिन उसे बाहर ड्यूटी पर भेजा गया। उसने कब-कब अवकाश मांगा और कब-कब दिया गया। महिला सिपाही के साथ तैनात अन्य महिला आरक्षियों का भी ड्यूटी चार्ट भेजने के निर्देश देते हुए आयोग ने उनकी भी सीसीटीएनएस और बाहर ड्यूटी लगाने का ब्योरा तलब किया है ताकि यह पता प्रमाणित किया जा सके कि मोनिका के साथ ड्यूटी में भेदभाव किया गया और उसे प्रताडि़त किया गया।
थानेदार को हटा दिया
वहीं एसपी बाराबंकी ने अध्यक्ष को बताया कि घटना के बाद प्रभारी निरीक्षक को हटा दिया गया है। इस पर आयोग ने पूछा कि महिला आरक्षी के परिजनों द्वारा लिखाए गये मुकदमे में अब तक क्या कार्यवाही हुई है। साथ ही निर्देश दिए कि क्राइम ब्रांच के प्रभारी राजपत्रित अधिकारी के पर्यवेक्षण में इस विवेचना का संपादन कराया जाए और विवेचक के साथ एक सक्षम व दक्ष निरीक्षक को भी संबद्ध किया जाए।

तीन तलाक पर ये 5 महिलाएं कोर्ट में तो खूब लड़ीं, लेकिन अब इन नेताओं के बीच उलझीं

मोदी सरकार ने तीन तलाक पर अध्यादेश को दी मंजूरी, महिलाओं में छाई खुशी

 

Posted By: Mukul Kumar
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.