कानून तोड़कर स्कूलों में बेची जा रहीं किताबें

2019-04-06T11:27:47Z

राजधानी के कई स्कूल खुलेआम सीबीएसई के निर्देशों का उल्लंघन और कानून तोड़ कर कैंपस में ही किताबें बेचने लगे हैं

ranchi@inext.co.in
RANCHI: राजधानी के कई स्कूल खुलेआम सीबीएसई के निर्देशों का उल्लंघन और कानून तोड़ कर कैंपस में ही किताबें बेचने लगे हैं. ताजा मामला डीएवी बरियातू का है. स्कूल के भीतर किताबें बेची जा रही हैं और गार्जियंस पर प्रेशर बनाया जा रहा है कि किताबें वहीं से खरीदें. जबकि सीबीएसई का स्पष्ट निर्देश है कि स्कूल किसी भी दुकान विशेष से यूनिफॉर्म, किताब-कॉपी की खरीदारी करने के लिए पेरेंट्स को बाध्य नहीं करेंगे. सीबीएसई ने कई बार इससे संबंधित निर्देश जारी किया है लेकिन हर बार कोई न कोई स्कूल इन नियमों की धज्जियां उड़ाता ही है.

सिर्फ पढ़ाने को मिली है मान्यता
सीबीएसई ने निजी स्कूलों को चेतावनी दी थी कि वे केवल पढ़ाने का काम करें. किताब, कॉपी, ड्रेस और बैग बेचने का व्यवसाय शुरू न करें. सीबीएसई के मुताबिक बोर्ड ने स्टूडेंट्स को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए स्कूलों को मान्यता दी है. स्कूल नया सत्र शुरू होने पर किताब, कॉपी, ड्रेस और बैग बेचने का व्यवसाय न चलाएं. इस तरह की व्यावसायिक गतिविधियों पर बोर्ड के एफिलिएशन नियम के तहत प्रतिबंध है. अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.

झारखंड समेत कई राज्यों को नोटिस
झारखंड समेत कई राज्यों के बड़े स्कूलों को सीबीएसई ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था. स्कूलों पर आरोप है कि वहां पठन-पाठन के अलावा किताब-कॉपियों समेत अन्य सामग्रियों की बिक्री की जाती है. इसके साथ ही सीबीएसई ने गाइडलाइन का पालन न करने पर देशभर के 12 स्कूलों की मान्यता रद कर दी थी. मान्यता रद होनेवाले स्कूलों की सूची में उत्तर प्रदेश से छह, हरियाणा से दो, कर्नाटक, उत्तराखंड, राजस्थान व आंध्र प्रदेश से एक-एक स्कूल थे

क्या हैं सीबीएसई के निर्देश

-स्कूल में व्यावसायिक गतिविधि नहीं चलाई जा सकती है.

-स्कूल एनसीईआरटी व सीबीएसई पब्लिकेशन की किताबें पढ़ाएंगे.

-स्कूल अपने यूनिफॉर्म की बिक्री को लेकर किसी खास दुकान का जिक्र नहीं करेंगे.

-व्यावसायिक गतिविधियों पर बोर्ड के एफिलिएशन नियम के तहत प्रतिबंध है

-अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी

एसडीओ ने जारी किया था निर्देश
पूर्व एसडीओ अंजलि यादव ने निर्देश जारी किया था कि किताब बेचनेवालों, स्कूल संचालकों और प्रबंधकों को धारा 144 के तहत ग्राहकों को बिना बंडलिंग कर पुस्तक बेचना है. कोई भी किताब-कॉपी विक्रेता स्कूल लोगो और नाम प्रिंटेंड कॉपी, पेंसिल बॉक्स, कलर बॉक्स, स्कूल ड्रेस, बेल्ट, बैग, फाइल, पुस्तक कवर और स्टेशनरी लेने के लिए पेरेंट्स को मजबूर नहीं करेंगे

वर्जन

स्कूलों को नियमों का उल्लंघन कर किताब-कापी, यूनिफार्म आदि नहीं बेचना है. यदि कोई भी स्कूल ऐसा कर रहा है तो यह सरासर गलत है. उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

राय महिमापत रे, डीसी, रांची


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.