चीन की राजधानी बीजिंग में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर छात्रों को स्‍कूलों के अंदर ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।


आरेंज अलर्ट के बाद जारी किए गए निर्देश


चीन की राजधानी बीजिंग में सोमवार को प्रदूषण का आरेंज अलर्ट लागू किया गया है जो खतरे का दूसरा सबसे ऊंचा स्तर है। इसके तहत हाईवे को बंद कर दिया गया है, निर्माण कार्य को रोक दिया गया है और शहर के रहने वालों और स्कूली छात्रों को घर एवम् स्कूल के अंदर रहने को कहा गया है। जिसका अर्थ है सारी आउटडोर गतिवधियों से बचने को कहा गया है। अधिकारियों ने फैक्टरियों को उत्पादन घटाने या रोक देने की भी सलाह दी है। पर्यावरण संरक्षण मंत्रालय का कहना है कि स्मॉग की वजह मौसम सही नहीं है। दरसल सर्दियां शुरू होने के साथ ही उत्तरी चीन में कार्बन का उत्सर्जन बहुत बढ़ जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि लोग ठंड की वजह से हीटिंग सिस्टम चलाना प्रारम्भ कर देते हैं। जिसके चलते हवा की गति धीमी हो जाती है प्रदूषित वायु रुकी रहती है। ये आदेश पेरिस में चल रही जलवायु कांफ्रेस में हुई वार्ता के बाद दिया गया जिसमें चीन के राष्ट्रपति झी जिंनपिंग भी भाग ले रहे हैं। चीन ने पिछले वर्ष ही कर दी थी प्रदूषण के विरुद्ध युद्ध की घोषणा

चीन के पर्यावरण मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार भारी प्रदूषण से प्रभावित शहरों की संख्या 23 हो गई है और प्रदूषण ने 530,000 वर्ग किलोमीटर के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। यह इलाका स्पेन जैसे देश के क्षेत्रफल के बराबर है। शानदोंग प्रांत में एक्सप्रेस वे पर 200 टॉल गेटों को बंद कर दिया गया है और येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। चीन ने पिछले साल ही बीजिंग और आस पास के इलाकों में स्मॉग के बढ़ने के साथ ही प्रदूषण के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी थी। उसने बिजली बनाने के लिए कोयले की खपत कम करने और ज्यादा प्रदूषण करने वाली फैक्टरियों को बंद करने का वादा किया है।

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Posted By: Molly Seth