सलाखों के पीछे तैयार हो रही मौत की स्क्रिप्ट

2014-09-13T07:01:47Z

- जेल में होने के बावजूद योगेश और उधम करा रहे हत्याएं

- पुलिस प्रशासन नहीं रोक पा रहा बदमाशों का नेटवर्क

- जेल और पेशी पर मुलाकातों से चल रहा है नेटवर्क

dishant.trivedi@inext.co.in

Meerut: सलाखों के पीछे सजा काटने के साथ मर्डर की स्क्रिप्ट भी तैयार होती है। योगेश भदौड़ा और उधम सिंह की गैंगवार में बह रहे खून की स्क्रिप्ट सलाखों के पीछे तैयार की जा रही है। यह हम नहीं बल्कि गैंगवार में हो रहे मर्डर ही इसकी गवाही दे रहे हैं। जेल से ही बदमाश हत्या का ताना बाना बुनकर एक दूसरे के गुर्गो की जान ले रहे हैं। अभी हाल ही में हुए चार मर्डर की स्क्रिप्ट जेल में बंद दोनों बदमाशों ने ही तैयार की थी।

खोखले दावे

यूं तो जेल अधिकारी दावा करते हैं कि जेल में किसी भी बदमाश का नेटवर्क नहीं चल रहा है। हर मुलाकाती पर ध्यान रखा जाता है। बंदी रक्षकों से कुख्यात बदमाशों की निगरानी कराई जाती है। इतना ही नहीं जेल से पेशी पर ले जाए जाने वाले सिपाहियों को भी सख्ती से कहा जाता है कि पेशी कराने के दौरान किसी से नहीं मिलवाया जाए साथ ही कोर्ट में पेशी कराने के बाद सीधा जेल में लेकर हाई सिक्योरिटी बैरक में बंदी और कैदी को रखा जाए। लेकिन यह दावें सब हवाई साबित हो रहे हैं। एक के बाद एक हत्या जेल में बंद बदमाश करा रहे हैं और जेल में बैठे अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं।

जेल से कैसे चलता है नेटवर्क

जेल में कुख्यात बदमाश योगेश भदौड़ा और उधम सिंह बंद है, लेकिन जेल से ही अपना नेटवर्क आसानी से चला रहे हैं। जेल पर मुलाकात के लिए आने वाले अपने जानने वाले लोगों से सलाखों के पीछे बनाई हुई प्लानिंग शेयर कर इस तरह वारदात को अंजाम देने की पटकथा बताते हैं। इस नेटवर्क को न तो जेल प्रशासन तोड़ पा रहा है न ही पुलिस प्रशासन बदमाशों के नेटवर्क को तोड़ने में कामयाब हो रहा है, लिहाजा मौत और खून हमारे सामने दिखाई दे रहा है।

बिक जाते हैं पुलिस कर्मी

कचहरी में पेशी पर बदमाशों को लाने वाले पुलिस कर्मी कुछ पैसों में ही बिक जाते हैं। अच्छे होटल में खाना खिलाने से लेकर खरीददारी तक बदमाशों को पुलिस कर्मी कराते हैं। इस तरह के पहले मामले प्रकाश में भी आ चुके हैं। पुलिस पर आरोप लगता रहता है कि यदि सिपाहियों को मन माफिक पैसे दे दो के वह किसी से भी कचहरी में आसानी से बदमाशों को मिलने देता है।

इन्होंने कहा

गंभीर मामला है कि जेल में बंद होने के बावजूद उनके गुर्गे हत्या कर रहे हैं। यह पूरा जांच का विषय है कि जेल से सूचना अन्दर-बाहर कौन ले जा रहा है। इस मामले में जेलर से भी बातचीत की जाएगी। बदमाशों का नेटवर्क तोड़ने का काम पुलिस प्रशासन करेगा।

- ओंकार सिंह

एसएसपी, मेरठ।


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