यूपी बोर्ड के स्कूलों की फिर से होगी मॉनिटरिंग

2018-06-20T06:00:52Z

स्कूलों में बॉयोमैट्रिक व सीसीटीवी समेत संसाधन बढ़ाने पर होगा फोकस

स्कूलों के बीच दूरी की फिर से कराई जाएगी पैमाइस

ALLAHABAD: माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की जुलाई से नए सिरे से मॉनिटरिंग करने की तैयारी शुरू हो गई है। बोर्ड के करीब 26 हजार स्कूलों में संसाधनों से लेकर अन्य सभी प्रकार की व्यवस्थाओं की मानिटरिंग होगी। बोर्ड के इस कदम का लाभ स्टूडेंट्स को मिलेगा। बोर्ड शीघ्र ही वेबसाइट पर सभी आधारभूत सुविधाओं को अपलोड करने के लिए स्कूलों को आदेश जारी करने की तैयारी में जुटा है। ताकि कालेजों की वास्तविक रिपोर्ट बोर्ड तक पहुंच सके और बोर्ड परीक्षा के दौरान सेंटर्स के निर्धारण में समस्याओं को दूर किया जा सके। अधूरी सूचना देने वाले स्कूलों पर बोर्ड कार्रवाई की तैयारी में लगा है।

नए सिरे से देनी होंगी सूचनाएं

यूपी बोर्ड में लास्ट इयर से ही कई बदलाव देखने को मिले हैं। इसमें सबसे खास स्कूलों में टीचर्स की बॉयोमैट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी कैमरे लगवाना है। इस बार शासन का निर्देश है कि सीसीटीवी के सामने पढ़ाई कराने व बॉयोमेट्रिक का अनुपालन कराने वालों को वरीयता मिलेगी। यह भी निर्देश है कि बोर्ड प्रशासन कालेजों के पिछले वर्ष के आधारभूत संसाधनों की बजाए नए सिरे से सूचना मांगे, ताकि सभी कालेज अपने यहां के संसाधन गिना सकें। इनमें जो बेहतर होंगे उन्हें परीक्षा केंद्र बनाने में मौका दिया जाएगा। पिछले वर्ष कई कालेजों ने अधूरी सूचनाएं दर्ज की थी। उसे जिला विद्यालय निरीक्षकों ने अनुमोदित कर दिया था। इस बार जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी कड़े निर्देश होंगे कि रिकॉर्ड जांचने के बाद ही अनुमोदित करें।

यह प्रक्रिया प्रत्येक दशा में जुलाई में शुरू हो जाएगी। जिससे सभी सूचनाएं बोर्ड को शीघ्र प्राप्त हो सकें। इसका सबसे अधिक फायदा केन्द्र निर्धारण की नई नीति बनाने में मिलेगा। केन्द्र निर्धारित करने में होने वाले विलंब को भी रोका जा सकेगा।

नीना श्रीवास्तव

सचिव, यूपी बोर्ड


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