'आईटी एक्ट की धारा 69 मूल अधिकारों का हनन'

2019-01-05T06:00:07Z

कम्प्यूटर डाटा चेक करने का 10 सरकारी एजेन्सियों को अधिकार देने के कानून को चुनौती, केंद्र सरकार से जवाब तलब

prayagraj@inext.co.in

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देश की 10 एजेन्सियों को किसी के भी कम्प्यूटर का डाटा चेक करने का अधिकार देने एवं सूचना तकनीकी कानून की धारा 69 की वैधानिकता की चुनौती याचिका पर केंद्र सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है और याचिका को सुनवाई हेतु एक फरवरी को पेश करने का निर्देश दिया है।

10 एजेंसियों को असीमित अधिकार

यह आदेश चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर तथा जस्टिस सीडी सिंह की खण्डपीठ ने आईआईटी खड़गपुर के विधि छात्र सौरभ पांडेय की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि सूचना तकनीकी एक्ट 2000 में 2008 में संशोधन किया गया। गृह मंत्रालय के साइबर एवं सूचना सुरक्षा डिवीजन के सचिव ने 20 दिसम्बर 2018 को धारा 69 नियम 4 के तहत आदेश जारी कर देश की 10 सुरक्षा एजेन्सियों को किसी के भी कम्प्यूटर डाटा की जांच करने का असीमित अधिकार दे दिया है। 2 जनवरी 19 को अधिकृत किये जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। याचिका में धारा 69 को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गयी है।

याची का कहना

एजेन्सियों को कम्प्यूटर डाटा की जांच का अधिकार देना संविधान के अनुच्छेद 14, 19 व 21 के मूल अधिकारों का उल्लंघन है

यह अभिव्यक्ति की आजादी व निजता के मूल अधिकार के विपरीत है।

देश में गणतांत्रिक शासन प्रणाली है। यह लोकहित राज्य है।

केंद्र सरकार देश की सरकार को कल्याणकारी राज्य के बजाय सर्विलांस राज्य बना रही है

सहायक सालीसिटर जनरल ने कहा

याचिका पोषणीय नहीं है

ऐसे ही मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप नहीं किया

याची ने हाईकोर्ट रूल्स का पालन नहीं किया है


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