वाराणसी मॉल में सुरक्षा पर उठे सवाल

2018-11-01T13:50:06Z

-तमाम सिक्योरिटी जांच के बावजूद असलहा लेकर दाखिल हुए बदमाश

-पंद्रह राउंड फायरिंग के दौरान कहीं नजर नहीं आए सिक्योरिटी गार्ड

VARANASI@inext.co.in

VARANASI : जेएचवी मॉल के अंदर घुसे बदमाशों ने गोली मारकर दो लोगों की जान ले ली और दो को घायल कर दिया। लेकिन इस घटना ने भीड़भाड़ वाले मॉल में सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। सबके बड़ा सवाल यह है कि तमाम सिक्योरिटी के बावजूद बदमाश असलहा के साथ मॉल में दाखिल कैसे हुए? यह सवाल पुलिस अधिकारियों ने मॉल के सुरक्षाकर्मियों से भी पूछा पर उनके पास जवाब नहीं था। 15 मिनट तक नशे में धुत पंद्रह राउंड फायरिंग करने वाले बदमाशों को दबोचने के लिए कोई सिक्योरिटी गार्ड आगे नहीं आया। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद यह साफ जाहिर हुआ कि बड़े ही आराम से बेसमेंट होते हुए तीनों आरोपी फरार हो गए।

 

सुरक्षा का दावा गलत

मॉल में सुरक्षा का दावा करने वाले मैनेजर का कहना है कि हर इंट्रेंस पर सिक्योरिटी गार्ड मौजूद रहते हैं। हर आने-जाने वाले को मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ता है। साथ ही लोगों के सामान की जांच-पड़ताल की जाती है। इसके बावजूद बदमाश पिस्टल लेकर मॉल में दाखिल हो गए। गोलियों की तड़तड़ाहट के बाद मची भगदड़ में पूरा मॉल खाली हो गया। शोरूम्स के शटर धड़ाधड़ गिर गए। इसके बाद पुलिस आलाधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना शुरू हुआ जो देर रात तक चलता रहा। पुलिस सहित क्राइम ब्रांच की एक टीम तुरंत विद्यापीठ हास्टल पहुंची और आरोपी आलोक उपाध्याय के बारे में शिक्षकों सहित अन्य छात्रों से जानकारियां जुटाई।

 

सबने ने बनाई दूरी

डबल मर्डर में मामले में विद्यापीठ छात्र आलोक उपाध्याय का नाम आते ही उसके साथी भी लापता होने लगे। जिसे भी खबर मिली वह तत्काल आलोक के फेसबुक से अपने को अनफ्रेंड करना शुरू कर दिया ताकि वह किसी पुलिसिया लफड़े में न पड़ सके। हालांकि क्राइम ब्रांच ने आलोक के करीबी दोस्तों से उसकी अन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की है।


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