शार्क से भी खतरनाक सेल्फी ले रही है पांच गुना जान

2019-06-28T18:07:22Z

2011 से 2017 के दौरान दुनिया भर में सेल्फी के चक्कर में 259 लोगों की जान गई। भारत में सेल्फी लेते समय 159 लोगों की मौत हो गई और कई शहरों में 'नो सेल्फी' जोन बने।

रियो डि जेनेरियो (एएफपी)। पिछले दस सालों में दुनियाभर में मोबाइल कैमरे ने सेल्फी को काफी पॉपुलर कर दिया है लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह सेल्फी शार्क से भी ज्यादा खतरनाक साबित हुई है और यह शार्क की तुलना में पांच गुना लोगों की जान ले रही है। शार्क के बारे में तो आप जानते ही होंगे, इस खतरनाक समुद्री मछली को आदमखोर माना जाता है। बाजार में हर रोज नए स्मार्टफोन लॉन्च हो रहे हैं। सेल्फी कैमरे के मेगापिक्सल भी आये दिन बढ़ रहे हैं। अब मोबाइल के फ्रंट कैमरा से बहुत ही क्लियर तस्वीरें आने लगी हैं। सेल्फी स्टिक की लंबाई भी बढ़ गई है और इसके साथ ही बड़े जोखिम उठाकर अलग शॉट (फोटो) लेने की लोगों की चाह भी बढ़ गई है।

शार्क के हमलों में सिर्फ 50 लोगों की गई जान
दरअसल, हर साल सेल्फी से होने वाली मौतों के आंकड़ों को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें पाया गया है कि हर साल यह आकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। भारत के 'जर्नल ऑफ फेमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर' के मुताबिक अक्टूबर, 2011 से नवंबर, 2017 के बीच दुनियाभर में सेल्फी लेते समय 259 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। जबकि, इस दौरान शार्क के हमलों में 50 लोगों की जान गई थी। इस रिपोर्ट के मुताबिक, सेल्फी लेने में सबसे आगे महिलाएं हैं लेकिन सेल्फी की वजह से मौत पर बात करें तो इसमें पुरुष, खासकर युवाओं की संख्या लगभग तीन चौथाई है।
80 करोड़ लोगों के पास मोबाइल फोन
रिपोर्ट यह बयान करते हैं कि युवा सेल्फी के लिए ज्यादा जोखिम उठा रहे हैं। सेल्फी के चक्कर में किसी की डूबने से मौत हुई तो कोई हादसे का शिकार हुआ, कोई ऊंचाई से गिरा तो किसी की गोली लगने से जान चली गई। भारत में सेल्फी के चक्कर में सबसे ज्यादा 159 लोगों की मौत हुई। यह संख्या सेल्फी लेते वक्त दुनिया में हुई कुल मौत की संख्या से आधे से भी ज्यादा है। हालांकि इसका महत्वपूर्ण कारण भी है, दरअसल, 1.3 अरब की आबादी वाले भारत में लगभग 80 करोड़ मोबाइल फोन हैं और उसी रेश्यो में सेल्फी लेने वालों की संख्या भी ज्यादा है।

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मुंबई में बनी हैं 16 सेल्फी जोन
भारत में हालात इस कदर खतरनाक हो गए हैं कि सरकार को देश के विभिन्न शहरों में 'नो सेल्फी' जोन भी बनाने पड़ गए हैं। मुंबई में इस तरह के 16 जोन बनाए गए हैं। इसके अलावा अगर हम दुनिया के देशों पर चर्चा करें तो रूस में सेल्फी लेते वक्त 16 लोगों की जान गई तो वहीं अमेरिका में 14 लोग मरे। रूस में ऊंचे पुल ,ईमारतों और लैंड माइन से छेड़छाड़ करते समय सेल्फी लेने के चक्कर में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। रूस में पुलिस को बिना जोखिम के सेल्फी लेने के लिए निर्देश तक जारी करने पड़े हैं। बता दें कि कई देशों में सोशल मीडिया के जरिए लोगों से खतरनाक तरीके से सेल्फी नहीं लेने की अपील की जा रही है। पर्यटन स्थल पर जाने वाले लोगों को भी जोखिम के साथ सेल्फी नहीं लेने की सलाह दी जा रही है।



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