5 जनवरी को शनिश्चरी अमावस्या वर्ष 2019 के राजा हैं शनि जानें आपकी राशि पर क्या होगा प्रभाव

2019-01-04T13:32:33Z

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव का जन्म शनिवार को अमावस्या तिथि में हुआ था इसलिए शनिश्चरी अमावस्या का विशेष महत्व है।

5 जनवरी 2019 के पहले माह में पड़ने वाली पौष मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या विशेष है। इस दिन मूल नक्षत्र अपराह्न 03:07 बजे तक है, ध्रुव योग पूरे दिन रहेगा। करण चतुष्पद रहेगा। शनिवार के दिन ध्रुव योग और करण चतुष्पद पड़ने के कारण गद योग रहेगा। इस दिन खंड ग्रास सूर्य ग्रहण भी है परंतु यह भारतवर्ष में दिखायी नहीं देगा। अत: इसका कोई भी प्रभाव यहां नहीं पड़ेगा।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शनि देव का जन्म शनिवार को अमावस्या तिथि में हुआ था, इसलिए शनिश्चरी अमावस्या का विशेष महत्व है। अमावस्या तिथि कार्य सिद्ध करने वाली मानी जाती है। इस बार इसका महत्व इ​सलिए भी है कि इस वर्ष के राजा शनि हैं। गोचर ग्रह के अनुसार, इस दिन धनु राशि में शनि के साथ चार ग्रहों का विशेष योग बन रहा है। जोकि पितृदोष कारक, पुर्नफू योग होने के कारण इस अमावस्या पर पितृदोष शांति कराना श्रेष्ठ रहेगा।

धनु राशि में शनि के होने से आपकी राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, आइए जानते हैं —        

मेष: नवां शनि पुरानी कष्टकारी स्थितियों को दूर करेगा। दूर स्थान की यात्रा और आध्यात्मिक प्रवृत्ति बनेगी।

वृष: शनि की ढैया का प्रभाव रहेगा, आठवां शनि कष्टकारी रहेगा। विघ्न—बाधा बनी रहेगी। देरी से सफलता मिलेगी।

मिथुनः लेन-देन में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें, दूसरों से मधुर संबंध बनाने में सफलता एवं मान-सम्मान मिलेगा।

कर्कः मनोरंजन एवं सृजनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। प्रेम के मामलों में सफलता मिलने के योग हैं।

सिंह: शनि की ढैया से मुक्ति मिलेगी, जमीन-जायदाद सम्बन्धी विवाद से बचें।

कन्या: शनि की ढैया के प्रभाव में आएंगे। पारिवारिक सुख प्राप्त होगा, सामाजिक कार्य में भागीदारी बढ़ेगी। आर्थिक मामलों में छोटी यात्राओं से लाभ होगा।

तुलाः जमीन-जायदाद के मामलों में सफलता मिलेगी, आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत बनने के योग हैं।

वृश्चिकः शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव में रहेंगे। दृढ़ इच्छाशक्ति से सफलता मिलने के योग हैं।

धनुः शनि की मध्य साढ़ेसाती के प्रभाव में रहेंगे। दृढ़ता से काम लेकर सफलता प्राप्ति के योग हैं।

मकरः साढ़ेसाती का प्रथम चरण आरम्भ होगा, कार्यों में विलम्ब होंगे, बिगड़े हुए सम्बन्ध बनाने व बढ़ाने पर ध्यान दें।

कुंभः व्यवसाय अथवा नौकरी में बदलाव होने की सम्भावना रहेगी। कार्यों में अच्छी शुरुआत के योग हैं।

मीनः उन्नति के अच्छे योग बनेगें, यात्रा आदि से लाभ होगा। विदेश से सम्बन्ध बनने के योग हैं।

- ज्योतिषाचार्य पं राजीव शर्मा

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