Sharad Navratri 2020 Day 5 Maa Skandamata : स्कन्द कुमार कार्तिकेय की माता होने के कारण नाम मिला स्कन्द माता

Updated Date: Wed, 21 Oct 2020 08:53 AM (IST)

Sharad Navratri 2020 Day 5 Maa Skandamata Live Aarti: नवरात्रि के दिनों में ऐसी मान्यता है ये देवियां धरती पर आती है अपने भक्तों को अपने आशीर्वाद से निर्भय एवं हर तरह से शक्ति संपन्न बनाती है। इसलिए नवरात्री में इन देवियों की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरुप मां स्कंदमाता की उपासना की जाती है। जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर त्रिलोकी नाथ से माता के इस स्वरूप के बारे में...


कानपुर (इंटरनेट-डेस्क)। Sharad Navratri 2020 Day 5 Maa Skandamata Live Aarti: नवरात्रि का महात्म नव देवियां अलग-अलग दिनों में अपने विशेष गुणकारी प्रभाव के कारण जन सामान्य पर अपना आशीर्वाद बनाये रखती है। प्रत्येक देवी का एक गुणाकार महात्म होता है। इनकी भिन्न-भिन्न स्वरुपों की पूजा से प्रत्येक देवियों जो अलग-अलग स्वभाव एवं महात्म है इसी महात्मता के कारण भक्तजनों को प्रत्येक दिन की देवियों का आशीर्वाद उनके स्वरुपों के अनुसार मिलता रहता है। प्रत्येक दिन की देवियों का स्वभाव भी अलग है। मानव जीवन विभिन्न स्वभाव एवं विचारों के आधार पर चलता है। इनमें से कुछ देवियां शांत स्वभाव की है कुछ उग्र स्वभाव की है कुछ मिली-जुली स्वभाव की है जो व्यक्ति जिस स्वभाव का है उसी के अनुसार इन नौ दुर्गा देवियों की विशेष पूजा करके उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। अपने विशेष गुणों को अपने आशीर्वाद के साथ प्रसाद रुप में भक्तजन को देती रहती है। नवरात्री के पाचवें दिन इस देवी की पूजा की जाती है। स्कंद मातासिंह्यसनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।शुभदास्तु सद देवी स्कंदमाता यशस्विनी।।

यह माता कमल के आसन पर विराजमान रहती
स्कन्द कुमार कार्तिकेय जी की माता के कारण इन्हें स्कन्द माता के रुप में जाना जाता है। इनके स्वरुप में भगवान स्कन्द बालरुप में इनकी गोद में विराजमान रहते है। इनका स्वरुप शुभ्र वर्ण का है यह माता कमल के आसन पर विराजमान रहती है। इसलिए इन्हें पद्मासना माता भी कहा जाता है शेर इनका वाहन है इस देवी की चार भुजाएं है इनकी गोद में स्कन्द विराजमान है नीचे वाली भुजा में कमल का पुष्प है बाईं तरफ ऊपर वाली भुजा में वरद मुद्रा में है नीचे वाली भुजा में कमलपुष्प है इनकी पूजा या उपासना से भक्तजन की सम्पूर्ण इच्छा पूर्ण हो जाती है। और भक्तजन अपनी संपूर्ण मनोकामना की पूर्ति के लिए इनकी विशेष आराधना करता है।

Posted By: Shweta Mishra
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