अब शिफ्ट होंगे डरावने स्कूल

2019-07-15T11:00:07Z

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की मुहिम पर प्रशासन हुआ गंभीर

जर्जर भवन वाले स्कूलों का चिन्हीकरण करने के आदेश

देहरादून।

दून के डरावने स्कूल अब शिफ्ट हो सकेंगे। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की ओर से अभियान चलाए जाने के बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लिया है और ऐसे जर्जर स्कूलों को लेकर कैंपेन छेड़ दिया है। जो बच्चों के लिए जान का खतरा बने हुए हैं। इन स्कूलों के चिन्हीकरण का काम शुरू कर दिया है। जिनकी लिस्ट तैयार कर बच्चों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जाएगा।

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सरकारी भवन जर्जर

शहर और आसपास के कई इलाकों में स्कूलों की बिल्डिंग का बुरा हाल है। सालों पुराने इन भवनों की कभी छत का प्लास्टर गिरने लगता है तो कभी दीवार गिर जाती है। जिससे बच्चों की जान के लिए खतरा बना रहता है। बरसात में यह परेशानी सबसे ज्यादा होती है। बाकी दिन तो बाहर भी क्लास लग जाती है, लेकिन बरसात में तो बच्चों को ऐसे जर्जर कमरों में ही बैठना पड़ता है।

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डरावने स्कूलों की दिखाई तस्वीर

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की ओर से अभियान चलाकर लगातार शहर के डरावने स्कूलों की तस्वीर दिखाई गई। जिसमें पटेलनगर, रेसकोर्स, कौलागढ़ सहित अन्य जगहों के जर्जर भवन, टिनशेड वाले स्कूलों की स्थिति सामने रखी गई। इन जगहों की स्थिति वाकई बेहद डराने वाली है। क्लास में कब-कहां से प्लास्टर टूटकर गिर जाए, इसका डर हर समय वहां बैठे बच्चों और शिक्षकों के दिल में बना रहता है।

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मरम्मत के लिए बजट कम

जिस हिसाब से स्कूलों में मरम्मत के काम होने हैं। उतना बजट ही स्कूलों को नहीं मिलता है। स्कूलों की ओर से हर साल निदेशालय को पत्र भेजे जाते हैं। बावजूद इसके मामले को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। बल्कि बेहद कम बजट दिया जाता है। ऐसे में कुछ जगहो पर नाम मात्र का काम ही हो पाता है।

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अब प्रशासन की प्राथमिकता में

अब डीएम सी रविशंकर ने इसे प्राथमिकता में लिया है। डीएम की ओर से सभी स्कूलों की डिटेल मांगी गई है। साथ ही समय-समय पर खुद भी डीएम निरीक्षण करेंगे। सभी जीर्ण-शीर्ण स्कूलों की लिस्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद वहां आसपास की जगहों पर ऐसे स्कूल शिफ्ट कराए जाएंगे।

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बरसात के समय बच्चों के लिए खतरा बने भवनों को शिफ्ट कराना मेरी प्राथमिकता में है। जो कि जल्द किए जाएंगे। सी रविशंकर, डीएम


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