एसआईटी ने की पांचों आईपीएस अफसरों पर कार्यवाही की सिफारिश

2020-02-28T05:31:18Z

- दो अफसरों के खिलाफ मिले पुख्ता सुबूत रिपोर्ट में जोड़े गए

- डीजी विजिलेंस की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने शासन को भेजी रिपोर्ट

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रुष्टयहृह्रङ्ख : पूर्व एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण द्वारा पांच आईपीएस अफसरों पर लगाए गए आरोपों की जांच एसआईटी ने पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में किसी भी अफसर को क्लीन चिट नहीं दी गई है, वहीं दो अफसरों के खिलाफ पुख्ता सुबूत होने का दावा किया गया है। इसके अलावा बाकी अन्य तीन अफसरों पर भी अनुशासनिक कार्यवाही की सिफारिश की गई है। हालांकि, अफसर इस पर कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं।

यह था मामला

नोएडा के एसएसपी रहे आईपीएस वैभव कृष्ण ने पांच आईपीएस अफसरों गाजियाबाद के एसएसपी रहे सुधीर कुमार सिंह, एसपी रामपुर रहे अजय पाल शर्मा, सुल्तानपुर में रहे एसपी हिमांशु कुमार, बांदा के एसपी रहे गणेश साहा और कुशीनगर के एसपी रहे व एसटीएफ में तैनात राजीव नारायण मिश्रा पर करप्शन का आरोप लगाते हुए शासन को अपनी रिपोर्ट भेजी थी। यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई थी। रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से लीक होने का आरोप लगने पर कड़ा एक्शन लेते हुए आईपीएस वैभव कृष्ण को एसएसपी नोएडा के पद से हटाते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। पिछले महीने नौ जनवरी को सीएम के निर्देश पर डीजी विजिलेंस की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी थी। एसआईटी में एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश और जल निगम के एमडी विकास गोठलवाल को सदस्य बनाया गया था। इन सभी पांचों आईपीएस अफसरों को उनकी वर्तमान तैनाती वाली जगह से हटा दिया गया था।

जांच रिपोर्ट में सभी पर कुछ न कुछ आरोप

सूत्रों ने बताया कि समय से दस्तावेज और रिकार्ड न मिलने की वजह से जांच तय समय 15 दिन में पूरी न हो सकी। रिपोर्ट में किस पर क्या चार्ज लगाए गए हैं इसके बारे में एसआईटी से जुड़े अधिकारी कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि दो अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों के समर्थन में पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। जिन्हें रिपोर्ट के साथ संलग्न किया गया है। इन दोनों अफसरों के खिलाफ रिपोर्ट में सख्त कार्रवाई की संस्तुति की गई है। वहीं, बाकी तीन अफसरों के खिलाफ सिफारिशी बातचीत के प्रमाण मिले हैं। जिनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही की सिफारिश की गई है। बताया जा रहा है कि करप्शन के खिलाफ चल रही ताबड़तोड़ कार्यवाहियों के क्रम में रिपोर्ट के अध्ययन के बाद सीएम के स्तर से इस मामले में भी जल्द बड़ी कार्यवाही की जा सकती है।

Posted By: Inextlive

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