निशांत अग्रवाल केस ब्रह्मोस प्रोजेक्ट के वैज्ञानिक के अरेस्ट होने के बाद एटीएस के राडार पर छह संदिग्ध

2018-10-10T12:25:25Z

ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़े सीनियर सिस्टम इंजीनियर निशांत अग्रवाल की अरेस्टिंग के बाद एटीएस ने रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े उन छह लोगों पर अपना शिकंजा कसना शुरू किया है जो उसकी ही तरह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा फेसबुक पर फेंके गए हनी ट्रैप के जाल में फंसे हुए हैं।

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LUCKNOW : आशंका है कि आईएसआई की महिला एजेंटों की फेक आईडी से जुडऩे के बाद चैटिंग के दौरान इन्होंने देश की संवेदनशील जानकारियां लीक की हैं। एटीएस सूत्रों की मानें तो इन सभी छह संदिग्धों को जल्द से जल्द कस्टडी में लेकर पूछताछ की जाएगी।

10 संदिग्ध आए थे राडार पर

एटीएस सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ जवान अच्युतानंद मिश्रा की अरेस्टिंग के बाद एटीएस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुडी महिला एजेंटों की फेक फेसबुक आईडी की गहनता से जांच की थी। इस जांच में देश के तमाम रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े 10 लोग इनकी फ्रेंडलिस्ट में पाए गए। एटीएस ने इन सभी लोगों की आईडी का डाटा फेसबुक से रिकवर किया तो हैरान कर देने वाली हकीकत सामने आई। यह सभी इन पाकिस्तानी आईडी से डेढ़ से तीन साल तक से जुड़े हुए हैं और इनके बीच लगातार चैटिंग की जाती है। इसी जानकारी के बाद एटीएस ने ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़े निशांत अग्रवाल को सोमवार को नागपुर से अरेस्ट कर लिया गया। वहीं, कानपुर व आगरा में स्थित रक्षा प्रतिष्ठानों में काम करने वाले दो लोगों को कस्टडी में लेकर पूछताछ की। इन सभी के चैट बॉक्स को भी गहनता से खंगाला गया। पर, इन दोनों ही संदिग्धों से कोई भी आपत्तिजक जानकारी निकलकर सामने नहीं आ सकी।

हो सकते हैं चौकाने वाले खुलासे

एटीएस सूत्रों ने बताया कि  छांटे गए 10 संदिग्धों में निशांत अग्रवाल के लैपटॉप से ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां मिली हैं। खास बात यह है कि इनमें से तमाम जानकारियां व डाटा ऐसा है जिससे निशांत के कामकाज का लेना-देना नहीं है। ऐसे में यह शक गहरा गया है कि उसने यह जानकारियां अपनी पाकिस्तानी 'दोस्त' को देने के लिये जुटा रखीं थीं। हालांकि, वह इन जानकारियों को अब तक लीक कर पाया या नहीं, इसे लेकर संशय बरकरार है और यह बात आरोपी निशांत से पूछताछ व उसका फेसबुक डाटा रिकवर होने के बाद ही साफ हो सकेगी। सूत्रों ने बताया कि बाकी बचे छह संदिग्ध देश के अलग-अलग इलाकों में स्थित संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों में तैनात हैं। ऐसे में आशंका है कि वे भी पाकिस्तानी जाल में फंसकर देश की संवेदनशील जानकारियां लीक कर चुके हैं। एटीएस इन सभी को जल्द से जल्द कस्टडी में लेकर पूछताछ करेगी, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

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