कौशल विकास रोकेगा पहाड़ से पलायन

2017-12-01T07:00:59Z

2020 तक प्रदेश के एक लाख युवाओं को हुनरमंद बनाना लक्ष्य पलायन ग्रस्त जिलों पर होगा मुख्य फोकस DEHRADUN: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्किल डेवलपमेंट मिशन उत्तराखंड को पलायन की समस्या से निजात दिलाएगा। उत्तराखंड में वर्ष ख्0ख्0 तक एक लाख युवाओं के हाथ में हुनर पैदा किया जाएगा। इसमें पलायन ग्रस्त पहाड़ी क्षेत्रों पर विशेष फोकस होगा। जिसके तहत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर पहाड़ को पर्यटन व हस्तनिर्मित काष्ठकला के हब के रूप में विकसित करेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के कार्यक्रम में बताई। पहाड़ों में चलेगा विशेष कार्यक्रम थर्सडे को सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी प्रेक्षागृह में आयोजित पीएमकेवीवाई के स्टेट कंपोनेंट के तहत देश के पहले बैच के शुभारंभ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि पलायन प्रदेश की मुख्य समस्या है। पहाड़ का युवा नौकरी की तलाश में मैदानी क्षेत्रों का रुख करता है। इसके लिए सरकार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पिथौरागढ़ समेत अन्य पहाड़ी जनपदों में कौशल विकास के विशेष कार्यक्रम चलाएगी। कौशल विकास प्रशिक्षण से पहाड़ में खाली पड़े घरों को पर्यटन के रूप में विकसित करना सिखाया जाएगा। इससे युवा पहाड़ की हर भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाएंगे। आईटीआई और पॉलीटेक्निक में चलेगा कोर्स सेवायोजन एवं कौशल विकास मंत्री डॉ। हरक सिंह रावत ने कहा कि अब कौशल विकास का कोर्स आईटीआई और पॉलीटेक्निक कोर्सो की जगह लेगा। कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त युवा को हर जगह प्राथमिकता मिलेगी। कोर्स तीन से पांच माह की अवधि का होगा। इसमें मोबाइल रिपेयरिंग, प्लंबरिंग, हैंडीक्राफ्ट, हॉस्पिटैलिटी, हाउस कीपिंग, सीसीटीवी तकनीशियन, मोटर मैकेनिक समेत क्00 से अधिक कोर्स होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के पहले बैच के प्रशिक्षणार्थियों का सम्मान भी किया। इस अवसर पर विधायक खजानदास, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, यूकेएसडीएम के निदेशक डॉ। पंकज कुमार पांडेय, उप निदेशक चंद्रकांता आदि उपस्थित रहे। कैदियों में भी पैदा कर रहे हुनर डॉ। हरक सिंह रावत ने कहा कि यूकेएसडीएम कार्यक्रम के तहत बड़े कारीगरों में करीब 8फ्म् कैदियों को प्रशिक्षण दिया गया है। ताकि सजा पूरी करने के बाद वह अपनी नई जिंदगी शुरू कर सकें। प्रदेश में अभी तक क्ख्9म्फ् युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।



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