यूपीटीईटी में सॉत साल्वर गिरफ्तार

2018-11-19T06:00:32Z

-क्राइम ब्रांच की टीम ने प्रथम पाली परीक्षा के दौरान अलग-अलग स्थानों से किया गिरफ्तार

-टीम को मौके से साठ हजार रुपए, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, अंक पत्र और हाथ से लिखित पर्ची बरामद

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PRAYAGRAJ: शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सदस्य शिव बहादुर उसके भाई शिवशंकर और नितीश समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों में महिला शिक्षामित्र रेखा देवी समेत तीन महिलाएं हैं। इनके कब्जे से 60 हजार रुपए नकद, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, अंक पत्र और हाथ से लिखित पर्ची बरामद हुई है। सरगना अविनाश समेत अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।

मिली थी सूचना

एसएसपी नितिन तिवारी ने अभियुक्तों को रविवार शाम पुलिस लाइन सभागार में मीडिया के सामने पेश किया गया। एसएसपी ने बताया कि परीक्षा में सॉल्वर गैंग को पकड़ने और नकल रोकने के लिए क्राइम ब्रांच व थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया था। रविवार को क्राइम ब्रांच को पता चला कि कि अविनाश गैंग से जुड़े कुछ लोग शहर में मौजूद हैं। वह चोरी-छुपे डिवाइस बेचकर नकल कराने की डील कर रहे हैं। इस सूचना पर टीम के लोग दारागंज के बक्शीबांध पहुंचे और फिर घेराबंदी करते हुए हंडिया उपरदहा के रहने वाले रायबहादुर के बेटे शिव बहादुर, शिवशंकर और गोपीगंज भदोही के नीतीश कुमार को पकड़ लिया। तीनों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो इन्होंने बताया कि भदोही स्थित गुलाबधर मिश्रा इंटर कॉलेज में परीक्षा दे रही सुनीता देवी को डिवाइस दी गई है। इसके बाद धूमनगंज के यूडी मेमोरियल इंटर कॉलेज में सीमा देवी के स्थान पर परीक्षा दे रही छात्रा सुनीता देवी पुत्री श्याम बिहारी निवासी चिंगोई घोरावल सोनभद्र को पकड़ लिया गया।

रख लेते थे अंकपत्र

धूमनगंज के ही केपी उच्च शिक्षा संस्थान झलवा से छात्रा रेखा देवी को नकल करते हुए पकड़ा गया। वह हंडिया के एक कॉलेज में शिक्षामित्र भी है। इसी तरह शाहगंज में यादगारे हुसैन इंटर कॉलेज में फरहीन गुसरा की जगह परीक्षा दे रही गोसाईगंज फैजाबाद की प्रतिमा त्रिपाठी पुत्री आदित्यनाथ को गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने बताया कि गिरोह का सरगना अविनाश ज्ञानपुर भदोही का रहने वाला है। मगर वह दिल्ली में बैठकर वहीं से गिरोह को संचालित करता है। गैंग के सदस्य प्रत्येक अभ्यर्थी से 10 लाख रुपए में डील करते और फिर 50 हजार में डिवाइस देकर अंकपत्र व प्रमाणपत्र रख लेते थे। परीक्षा पास करने के बाद पूरा पैसा लेकर अंकपत्र वापस कर देते थे। पीसीएस मेन्स की परीक्षा दे चुकी सुनीता ने सलोरी के सितेंद्र के कहने पर एक लाख में दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रही थी। वहीं पुलिस को पकड़े गए अभियुक्तों से कई लोगों का नाम सामने आया है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।


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