Solar Eclipse 2019: साल के अंतिम सूर्य ग्रहण का राशि अनुसार फल, कुंभ व मीन वालों के लिए होगा फलदायी

Updated Date: Thu, 26 Dec 2019 08:51 AM (IST)

Solar Eclipse 2019: खण्डग्रास सूर्य ग्रहण 5:36 मिनिट का होगा। इस वर्ष 26 दिसंबर 2019 को संपूर्ण भारत में खण्डग्रास सूर्य ग्रहण घटित होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार 8 बजे से प्रारम्भ होकर दोपहर 1: 36 मिनट पर सूर्य ग्रहण समाप्त होगा। कुल मिलाकर 5 घण्टा 36 मिनट तक सूर्य ग्रहण होगा।


Solar Eclipse 2019: ग्रहण का सूतक काल 25 दिसंबर, 2019 को रात्रि 8 बजे से प्रारम्भ होगा। खण्डग्रास सूर्य ग्रहण मूल नक्षत्र एवं धनु राशि में होगा। सबसे अधिक धनु राशि एवं मूल नक्षत्र वाले व्यक्तियों के लिए यह ग्रहण अधिक अशुभ है। फिलहाल राशि अनुसार सूर्य ग्रहण का किस पर क्या प्रभाव पड़ेगा वो यहां जानें...इनके लिए होगा अशुभ- खण्डग्रास सूर्य ग्रहण मूल नक्षत्र एवं धनु राशि में होगा। सबसे अधिक अशुभ ग्रहण धनु राशि एवं मूल नक्षत्र वाले व्यक्तियों के लिए ही होगा किंतु अन्य राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा वो भी जानते हैं...मेष : इस राशि के लिए अपमान की आशंका है।वृष : इस राशि वालों को कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।मिथुन : इस राशि के व्यक्ति के जीवनसाथी को कष्ट का सामना करना पड़ सकता है।
कर्क : सूर्य ग्रहण इस राशि के व्यक्तियों के लिए शुभ और फलदायी रहेगा।सिंह: सिंह राशि वाले सूर्य ग्रहण के प्रकोपस्वरूप गहन चिंता से ग्रस्त हो सकते हैं। कन्या : कन्या राशि के लिए साल का यह आखिरी सूर्य ग्रहण काफी कष्टपूर्ण भाग्य लेकर आएगा।तुला : धनहानि की आशंका है। पैसे आपके पास ज्यादा नहीं टिकेंगे।


वृश्चिक :
धनलाभ होने की आशा है। हो सकता है कि धनहानी भी हो जाए।धनु : शारीरिक कष्ट एवं अशुभ फल की आशंका।मकर : मकर राशि वालों को कई प्रकार की हानी का सामना करना पड़ सकता है।कुंभ : लाभदायी योजना बन सकती है।मीन : मीन राशि वालों के लिए सुख और शान्ति की आशा है।& &पूषमास के सूर्य ग्रहण को ब्रह्मणों एवं शासक वर्गों के लिए शुभ नहीं माना जाता है। वहीं सिंध प्रदेश, मिथिला प्रदेश इत्यादि में अशुभ है। कुछ जगहों पर वर्षा की कमी तो कहीं भारी वर्षा से हानि जैसे फल प्राप्त होंगे। औद्योगिक संस्थानों के लिए ये सूर्य ग्रहण फायदेमंद रहेगा। राज्य व केंद्र सरकारों से उद्योग बढ़ाने के लिए कुछ योजनाएं क्रियान्वित होंगी। शिक्षा जगत के हित के लिए सकारात्मक योजनाएं आएंगी तो महिलाओं की सुरक्षा के लिए नवीन कानून का निर्माण हो सकता है किंतु महामारी से देश-प्रदेश को क्षति हो सकती है। डिप्रेशन के मरीजों की बढ़ोतरी भी हो सकती है।-ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक पांडेय

Posted By: Vandana Sharma
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