सॉल्वर गैंग दबोचा, अब तक 150 कराए भर्ती

2019-12-15T05:45:43Z

क्राइम ब्रांच और थाना सिविल लाइन्स पुलिस ने सरगना समेत 4 को किया गिरफ्तार

मेरठ में चल रही पुलिस भर्ती में सेंधमारी की फिराक में था सॉल्वर गैंग

Meerut। देशभर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले सॉल्वर गैंग को पुलिस ने धर-दबोचा है। परीक्षाओं में अभ्यर्थी के स्थान पर सॉल्वर को बैठाकर यह गैंग अब तक 150 से अधिक अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचा चुका है। शनिवार को यह गैंग मेरठ में चल रही पुलिस भर्ती प्रक्रिया में शिकार की तलाश में पुलिस लाइन के आसपास चहलकदमी कर रहा था।

मेरठ में पकड़े गए थे अभ्यर्थी

गत दिनों से पुलिस लाइन में चल रही भर्ती प्रक्रिया के दौरान दो ऐसे अभ्यर्थियों को पुलिस ने पकड़ा, जिन्होंने लिखित परीक्षा खुद नहीं दी थी। बल्कि अभ्यर्थी के स्थान पर सॉल्वर ने यह परीक्षा दी थी। नापजोख के दौरान बायोमैट्रिक पर मिलान न होने से अभ्यर्थी पकड़े गए। भर्ती प्रक्रिया के नोडल अधिकारी और एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी के निर्देश पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर क्राइम ब्रांच ने सॉल्वर गैंग के सदस्यों की तलाश शुरू कर दी। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वेस्ट यूपी समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय सॉल्वर गैंग की रेकी की जाने लगी। छानबीन के दौरान ही क्राइम ब्रांच और थाना सिविल लाइन्स पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक सॉल्वर गैंग मेरठ में सक्रिय है, जो अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें भर्ती करा रहा है। यह गैंग पुलिस लाइन के आसपास भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को फंसाने की फिराक में है। सूचना पर क्राइम ब्रांच ने सॉल्वर गैंग के सरगना समेत 4 लोगों को पुलिस लाइन के पास से ही धर दबोचा।

4 आरोपी दबोचे

शनिवार को सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए एसएसपी अजय कुमार साहनी ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि पकड़े गए आरोपी अलग-अलग राज्यों के हैं। गैंग का सरगना जसबीर पुत्र जोगीराम, चंडीगढ़ का रहने वाला है जबकि अंकुर पुत्र वीरेंद्र मुजफ्फनगर, परवेंद्र पुत्र कालूराम देहरादून और सचिन पुत्र रामफल रोहतक, हरियाणा का रहने वाला है।

150 को दिलाई नौकरी

एसएसपी ने बताया कि पकड़ा गया गैंग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं जैसे-रेलवे, एसएससी, उप्र पुलिस भर्ती, दिल्ली सब-ओर्डिनेट सर्विसेस, सेंट्रल एयरमैन सलेक्शन बोर्ड, हरियाणा एसएससी, नेवी में सेलर के पद पर सॉल्वर बैठककर 150 से अधिक अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ दे चुका है। गिरफ्तार आरोपी अंकुर वर्ष 2016 में एसएससी के पेपर लीक कराने के प्रकरण में थाना चाणक्यपुरी दिल्ली से जेल जा चुका है। गिरफ्तार आरोपी परवेंद्र 2013 में हत्या के आरोप में बागपत से जेल में जा चुका है।

अभ्यर्थियों के आईडी कार्ड मिले

क्राइम ब्रांच को सॉल्वर गैंग से कई अभ्यर्थियों के आईडी कार्ड मिले हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि गैंग इन अभ्यर्थियों के संपर्क में था। पुलिस सभी अभ्यर्थियों से संपर्क कर रही है। इसके अलावा एसएसपी ने बताया कि उन सभी अभ्यर्थियों के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग/बोर्ड को लिखेगी जिनको अनुचित लाभ देकर गैंग ने नौकरी दिलाई है। पुलिस को आरोपियों से दो कार, 4 मोबाइल, 3 एटीएम और 50 हजार रुपए नकद बरामद हए हैं। प्रेसवार्ता के दौरान एसपी सिटी डॉ। एएन सिंह भी मौजूद थे।

Posted By: Inextlive

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