BCCI अध्यक्ष बनने जा रहे गांगुली ने कोहली को दी सलाह कहा बदल लें पुरानी आदत

2019-10-16T08:29:41Z

बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बनने जा रहे पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने मौजूदा भारतीय कप्तान को एक बड़ी नसीहत दी है। गांगुली का कहना है कि टीम इंडिया को अब पुरानी आदत बदल लेनी चाहिए।

कोलकाता (पीटीआई)।  नए बीसीसीआई अध्यक्ष बनने जा रहे पूर्व भारतीय क्रिकेटर सौरव गांगुली चाहते हैं टीम इंडिया को अब पुरानी आदत बदल लेनी चाहिए। आईसीसी इवेंट में भारत का नाॅक आउट में प्रदर्शन हमेशा से खराब रहा है ऐसे में दादा का मानना है कोहली की अगुआई में टीम इंडिया को यह ट्रेंड बदलना होगा। मंगलवार को पीटीआई से बातचीत में गांगुली ने कहा, 'भारत एक बेहतरीन टीम है। मगर टीम इंडिया ने बड़े टूर्नामेंट बहुत कम जीते। आईसीसी इवेंट्स के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया की परफाॅर्मेंस तो अच्छी रहती मगर सेमीफाइनल और फाइनल में पहुंचते ही टीम लड़खड़ा जाती। उम्मीद करता हूं कि विराट कोहली इस ट्रेंड को बदलेंगे। वह एक चैंपियन खिलाड़ी हैं।'

भारत ने 6 साल से नहीं जीता आईसीसी टूर्नामेंट
बता दें भारत ने 2013 चैंपियंस ट्राॅफी के बाद से कोई आईसीसी इवेंट नहीं जीता है। 2017 में पाकिस्तान के हाथों भारत को चैंपियंस ट्राॅफी फाइनल में करारी हार मिली थी। वहीं इस साल आईसीसी वर्ल्डकप में भारत को सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था मगर सेमीफाइनल में आकर टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के हाथों हार झेलनी पड़ी। यही नहीं 2016 टी-20 वर्ल्डकप जोकि भारत में खेला गया था उसमें टीम इंडिया सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच पाई थी।
तीन साल में वर्ल्डकप को लेकर ये बोले दादा
गांगुली ने इस मौके पर आईसीसी के नए नियम को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। दरअसल आईसीसी चाहता है कि वर्ल्डकप हर तीन में कराया जाए। इस पर दादा कहते हैं, 'जीवन में कभी-कभार किसी चीज की कमी लगती है, ऐसे में हमें और अधिक सतर्क रहना होता है। आप देखिए फुटबाॅल वर्ल्ड कप हर चार साल में होता है। इसके बावजूद लोगों में इसके लिए कितनी दीवानगी होती है।' हालांकि गांगुली का कहना है कि, यह डिसीजन आईसीसी को लेना है अगर मुझे उस मीटिंग में हिस्सा लेने को मिलता है तो मैं जरूर अपनी बात रखूंगा।
फर्स्ट क्लाॅस क्रिकेटर पहली प्राथमिकता
47 साल के हो चुके पूर्व भारतीय क्रिकेटर गांगुली का कहना है कि, अध्यक्ष बनने के बाद मैं बोर्ड से जुड़े सभी लोगों के साथ मिलकर वो काम करूंगा, जो प्रशासकों की समिति (सीओए) ने 33 महीनों तक नहीं किया। हम सभी से बात करेंगे क्योंकि हम फैसला करेंगे लेकिन मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता फर्स्ट क्लाॅस क्रिकेटरों की देखभाल करना होगा। यह पहली बात है जो मैं करूंगा। हम चाहेंगे कि उन क्रिकेटरों को फाइनेंशियल मजबूत बना सकें। भारत के लिए 18000 से अधिक इंटरनेशनल रन बनाने वाले सौरव गांगुली ने स्वीकार किया कि, उनका निर्विरोध चुना जाना एक बड़ी जिम्मेदारी है। लेकिन बीसीसीआई विश्व क्रिकेट में सबसे बड़ा संगठन है। वित्तीय रूप से भारत एक क्रिकेट पावरहाउस है, इसलिए यह एक चुनौती होगी।


Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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