तिरूलडीह में नक्सली हमले के बाद जिला एसपी पूछताछ के लिए पहुंचे

2019-06-17T10:15:19Z

शुक्रवार की शाम सरायकेलाखरसावां जिले तिरुलडीह थाना क्षेत्र के कुकुडू साप्ताहिक हाट में पांच पुलिसकर्मी नक्सली हमले में शहीद हो गए थे। मामले की जांच करने के लिए जिले के एसपी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।

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JAMSHEDPUR: नक्सली हमले के तीसरे दिन सरायकेला-खरसावां जिले के एसपी चंदन कुमार सिन्हा तिरुलडीह थाना पहुंचे. वहां उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ बैठक की. एसपी ने घटनास्थल कुकड़ू हाट का भी मुआयना किया. आसपास के लोगों से घटना की जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन किसी ने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया.

की जा रही कार्रवाई

एसपी ने पत्रकारों को बताया कि हथियार लूटने के लिए ही नक्सलियों ने घटना को अंजाम दिया है. नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई से बेचैनी है. इसी कारण उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया. अज्ञात नक्सलियों पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. तिरुलडीह थाना गेट पर अब सीसीटीवी कैमरे से निगरानी होगी. इसे लगाया दिया गया है. आसपास के थानों में पुलिस की संख्या बढ़ा दी गयी है. उनके साथ चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धीरेन्द्र नारायण बंका भी थे. उधर, घटनास्थल पर सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर के जवान तैनात किए गए हैं. जंगलों में विशेष छापेमारी के लिए दो कंपनी जगुआर व दो कंपनी सीआरपीएफ जवान मंगाए गए हैं.

नहीं खुलीं दुकानें

नक्सली हमले के तीन दिन बाद भी यहां सड़कें वीरान हैं. गांवों में अब भी मातमी सन्नाटा है. घटना स्थल कुकड़ू हाट से करीब तीन किलोमीटर दूर सिरुम गांव से ही सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) व झारखंड जगुआर के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं. घटना के बाद से क्षेत्र के लोग सहमे हुए हैं. दहशत इस कदर है कि कुकड़ू समेत सिरुम, बुरुडीह, महतोडीह, डाटम आदि गांवों में रविवार को भी सन्नाटा पसरा रहा. गांवों के पुरुष घर छोड़कर दूसरी जगह चले गये हैं. घरों में सिर्फ महिलाएं व बच्चे रह गये हैं. हर दिन अहले सुबह खुलने वाली दुकानों पर जहां शाम तक लोगों की भीड़ जुटी रहती थी, वहां भी रविवार को ताला लटका रहा. सड़क पर दूर-दूर तक वाहन दिखा न कोई आदमी. कहीं एकाध बुजुर्ग जरूर दिखे, पर कोई कुछ बोलने या बताने के लिए तैयार नहीं है. कुछ पूछने पर ऐसा लगता है कि उन्हें काठ मार गया हो. दो-चार बार पूछने पर बस इतना ही कहते हैं कि हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे यहां ऐसी घटना होगी. इसके बाद चुप हो जाते हैं. उनकी आंखों में खौफनाक मंजर अब भी नाच रहा है.


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