15 लाख बंदरों से निपटेंगी 13 हजार वन पंचायतें

2018-12-06T06:00:05Z

-वन मंत्री बोले, वन पंचायतों को वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग के साथ मिलेगा फंड व रोजगार

देहरादून, बंदरों के आतंक से निपटने के लिए सरकार नई योजना की तैयारी कर रही है। राज्य की 13 हजार वन पंचायतों को ट्रेनिंग के साथ फंड दिया जाएगा, इससे पंचायतों को रोजगार मिले और बंदरों से भी निजात मिल पाएगी। वन मंत्री हरक सिंह रावत ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक चंदन राम दास के सवाल का जवाब दे रहे थे।

दूसरे राज्यों से बंदर छोड़ने नजर

वन मंत्री ने कहा कि राज्य में एक सर्वे के मुताबिक 1.5 लाख बंदरों की संख्या आंकी गई है। अब तक मथुरा व वृंदावन से बंदरों को पकड़ने की मदद ली जा रही थी, जो बेहद खर्चीला होने के साथ समय की बर्बादी थी, लेकिन अब सरकार ने वन पंचायतों को ट्रेंड करने के साथ फंड आवंटित किए जाने का फैसला किया है।

विधायकों से सहयोग मांगा

वन मंत्री ने विधायकों से अनुरोध किया कि वे ट्रेनिंग में मदद करें। कहा, चिडि़यापुर जैसे क्षेत्र में बंदरों के स्ट्रलाइजेशन की कोशिश की गई, लेकिन पॉजिटिव रिस्पांस नहीं मिल पाया। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि दूसरे प्रदेशों से छोड़े जाने वाले बंदरों पर सख्त नजर रखी जाए। वन मंत्री ने कहा कि वाइल्ड लाइफ बोर्ड के मुताबिक बंदरों को बाड़े में ज्यादा वक्त तक नहीं रखा जा सकता है।

बंदर के काटने पर मुआवजा

वन मंत्री ने शहरों की तरफ हो रहे बंदरों के पलायन को रोकने के लिए जंगलों में पेड़ रोपने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे सबसे ज्यादा नुकसान कृषि व उद्यान क्षेत्र को पहुंच रहा है। बंदरों से निजात पाने के लिए 25 पशु चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है, जिनको वाइल्ड लाइफ की ट्रेनिंग दी जाएगी। बंदरों को लेकर कई राज्यों से चर्चा भी हुई। विधायक भरत चौधरी व कुंवर प्रणव चैंपियन के सवाल बंदरों के काटने पर सरकार मुआवजा देगी, के जवाब में वन मंत्री ने कहा कि गुलदार की तर्ज पर बंदरों के काटने पर सरकार मुआवजा देगी। विधायक संजीव आर्य ने प्रश्न उठाया कि सरकार बंदरों के बाड़े बनाने पर मना कर रही है, लेकिन नैनीताल के रानीबाग में बंदर बाड़ा बनाया जा रहा है। वन मंत्री ने कहा, आपके विधानसभा क्षेत्र में तो बाड़ा बन ही रहा है।

आयुष चिकित्सालय पीपीपी में नहीं

विधायक राम सिंह कैड़ा के सवाल के जवाब में आयुष मंत्री डा। हरक सिंह रावत ने कहा कि आयुष चिकित्सालयों को सरकार की पीपीपी मोड से संचालित करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि सूबे में 215 आयुष चिकित्सकों के पद रिक्त हैं, लोक सेवा आयोग को इस बावत अधियाचन भेजा गया है।

Posted By: Inextlive

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