श्रीलंका राजनीतिक संकट मसले को सुलझाने के लिए राष्ट्रपति ने 5 नवंबर को बुलाया संसद का सत्र

2018-11-03T11:18:55Z

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपला सिरीसेना ने 5 नवंबर को संसद सत्र बुलाने का फैसला किया है ताकि देश में चल रहे राजनीतिक संकट को सुलझाया जा सके। प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने इस बात की जानकारी दी है।

कोलंबो (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने गुरुवार को बताया कि श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपला सिरीसेना ने देश में चल रहे राजनीतिक संकट को सुलझाने के लिए 5 नवंबर को संसद सत्र बुलाने का फैसला किया है। राष्ट्रपति सचिवालय में एक समारोह में बोलते हुए राजपक्षे ने कहा कि सिरीसेना ने उन्हें अपने फैसले के बारे में सूचित किया है। संसद के स्पीकर करू जयसूर्या द्वारा बुधवार को सिरीसेना से मुलाकात के बाद ऐसा कदम उठाया गया है। जयसूर्या ने सिरीसेना से संसद सत्र बुलाकर देश में चल रहे राजनीतिक संकट को सुलझाने का अनुरोध किया था।
125 विधायकों के हस्ताक्षर
जयसूर्या ने कहा कि उन्हें 125 विधायकों के हस्ताक्षर प्राप्त हुए हैं और उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वे संसद सत्र को बुलाकर यह देख लें कि किस पार्टी के पास अधिक बहुमत है। बता दें कि 26 अक्टूबर को राष्ट्रपति मैत्रिपला सिरीसेना ने प्रधानमंत्री रणिल विक्रमेसिंघे को उनके पद से बर्खास्त कर दिया था और उनकी जगह महिंदा राजपक्षे को नियुक्त कर लिया था। इसके बाद 27 अक्टूबर को, सिरीसेना ने 16 नवंबर तक संसद को टाल दिया, जिससे देश में तनाव का माहौल पैदा हो गया। राजपक्षे, 2005 से 2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रह चुके हैं और इन्होंने 25 वर्षों से चल रहे गृहयुद्ध को समाप्त कर दिया था।

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