एलयू में बीए स्ट्रीम में स्टूडेंट्स नहीं दिखा रहे रुचि

Updated Date: Sat, 16 Jun 2018 11:38 AM (IST)

एलयू में इस बार बीए में आवेदन तो खूब आए लेकिन उसके मुकाबले काउंसिलिंग में कैंडीडेट्स एडमिशन के लिए नहीं आ रहे हैं.

- दो दिन की काउंसिलिंग हुई पूरी

- केवल 40 प्रतिशत स्टूडेंट ही पहुंचे काउंसिलिंग में

- 800 स्टूडेंट को बुलाया गया था काउंसिलिंग में

- अभी तक 487 स्टूडेंट्स ने ही लिया एडमिशन

- अभी आधे से ज्यादा सीटें भरना शेष

- लास्ट इयर भी खाली रह गई थी सीटें

कैंडीडेट्स एडमिशन के लिए नहीं आ रहे
lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : एलयू में इस बार बीए में आवेदन तो खूब आए लेकिन उसके मुकाबले काउंसिलिंग में कैंडीडेट्स एडमिशन के लिए नहीं आ रहे हैं। बीए में ओपन लिस्ट की अब तक दो दिन की काउंसिलिंग हुई है। जिसमें 40 प्रतिशत कैंडीडेट्स ही काउंसिलिंग में पहुंचे। ऐसे में इस बार यूनिवर्सिटी प्रशासन के लिए बीए की सीटों को भरना बड़ी चुनौति बन सकता है।

800 में 487 ने लिया एडमिशन
13 व 14 जून को यूनिवर्सिटी में बीए की ओपन रैंक के 766 कैंडीडेट्स को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था। वहीं सब कैटेगरी के कुछ कैंडीडेट्स को अलग से बुलाया गया। जिसमें कुल कैंडीडेट्स की संख्या लगभग 800 थी। इसमें पहले दिन जहां 240 ने एडमिशन लिया तो वहीं दूसरे दिन 247 ने एडमिशन लिया। ऐसे में 800 में 487 कैंडीडेंट्स के ही एडमिशन हुए। इसके मुकाबले बीकॉम में कैंडीडेट्स कहीं ज्यादा एडमिशन के लिए पहुंचे।

अब और ज्यादा छोड़ेंगे सीट
काउंसिलिंग के पहले दो दिनों में सभी विषय मौजूद रहते हैं ऐसे में जो भी कैंडीडेट्स आता है, उसे उसके मन मुताबिक विषय मिल जाते हैं। दो दिन की काउंसिलिंग के लिए जितने भी टॉप के विषय है वो भर चुके हैं। ऐसे में सोमवार से जब वेटिंग के कैंडीडेंट्स की काउंसिलिंग शुरू होगी तो और ज्यादा कैंडीडेट्स सीट छोड़ देंगे, क्योंकि अब बचे हुए विषय ही कैंडीडेट्स को एडमिशन के लिए मिलेंगे। ऐसे में जिन कैंडीडेंट्स के पास दूसरे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में विकल्प मौजूद होंगे वह एडमिशन लेने से कतराएंगे।

लास्ट इयर भी खाली रही थीं सीटें
पिछली बार भी एलयू में बीए की काउंसिलिंग में सीटें खाली रह गई थीं। कुल 40 विषयों में 1267 सीटें खाली थी जिन्हें भरने के लिए यूनिवर्सिटी को स्पेशल काउंसिलिंग करानी पड़ी थी। जिसमें रैंक 1 से लेकर 4500 तक सभी कैंडीडेट्स को बुलाया गया था। हिंदी समेत संस्कृत, उर्दू, अरब कल्चर, अरबी, एशियन कल्चर, पर्शियन, होम साइंस, एंथ्रोपोलॉजी, ज्योतिर्विज्ञान, लिंग्विस्टिक, फीजिकल एजुकेशन और फंक्शनल हिंदी समेत कई विषयों में तो अंत तक सीटें खाली रह गई थीं। इस बार भी अगर ऐसा ही रहा तो बीए में सीटें खाली रह सकती हैं।

Posted By: Inextlive
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