World Mental Health Day 2019 : उफ! इतना गुस्सा... जरा सी बात पर सुसाइड करने लगे टीनएजर्स

2019-10-10T11:11:20Z

आजकल के बच्चे जिद्दी हो गए हैं। बदलते लाइफ स्टाइल से बच्चों के व्यवहार में एक अजीब सा परिवर्तन आया है। जिसके चलते वे मामूली बातों में ही डिप्रेशन में चले जाते हैं और सुसाइड करने का डिसीजन ले लेते हैं।

बरेली (ब्यूरो)। डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो मन कक्ष में सितंबर 2018 से अब तक 200 केस सुसाइड अटेम्पट के आए हैं। वहीं इनमें 70 केस ऐसे हैं जिन्होंने छोटी सी बात पर सुसाइड अटेम्पट की कोशिश की। जिनमें 30 केस बच्चों के हैं जिनकी उम्र 15 से 20 साल है।
डिप्रेशन के ज्यादातर केस

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के मन कक्ष में अभी तक 3 हजार केस डिप्रेशन के आए हैं। इनमें ज्यादातर पेशेंट डिप्रेशन के शिकार थे। साथ ही इनमें यूथ की संख्या ज्यादा है। लोग जॉब न मिलने, झगड़े और ब्रेकअप आदि वजहों से डिप्रेशन में जा रहे हैं। वहीं एक्सपर्ट ने बताया कि काउंसलिंग से इस तरह के पेशेंट को ठीक किया जा सकता है। रिलीफ न मिलने पर ट्रीटमेंट भी दिया जाता है।
नोमोफोबिया की गिरफ्त में यूथ
मोबाइल फोन के ज्यादा यूज से यूथ को नोमोफोबिया हो रहा है। ऐसे केसेज में पेशेंट को फोन गुम और खराब होने का डर और नेटवर्क चले जाने का डर लगा रहता है। रिपोर्ट के मुताबिक 17 से 24 साल के ऐज ग्रुप के युवाओं में इस तरह की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। अब तक 55 परसेंट ब्वॉयज नोमोफोबिया के शिकार हो चुके हैं।
सुसाइड अटेम्ट की वजह
- नशे की लत
- लव अफेयर
- ख्वाहिश पूरी न होना
- मोबाइल फोन का ज्यादा यूज
- जैलशी
आज होगा अवेयरनेस प्रोग्राम
थर्सडे को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे पर हेल्थ डिपार्टमेंट ने अवेयरनेस प्रोग्राम चलाने की योजना तैयार की है। वहीं तनाव या डिप्रेशन के चलते जिंदगी खत्म करने का ख्याल को जहन से मिटाने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। जिस पर कॉल कर लोग एक्सपर्ट से परामर्श भी ले सकते हैं।
तथ्य एक नजर में
- 2018 सितंबर में डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में शुरू किया गया था मनकक्ष
- 3 हजार लोगों अब तक डिप्रेशन के आए हैं
- 200 केस अब तक सुसाइड अटेम्प के आए हैं
- 5 से 10 पेशेंट डेली कराने आ रहे हैं काउंसलिंग
मन हो बैचेन तो करें कॉल
अगर आपको भी किसी भी तरह का डिप्रेशन है तो आप 7248215822 पर कॉल कर मन कक्ष में तैनात एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। यहां विशेष रूप से सुसाइड क्राइसिस हेल्प डेस्क बनाई गई है, जो कि काउंसलिंग कर लोगों की जिंदगी बचाने का प्रयास करेगी।
सुसाइड पर डब्ल्यूएचओ अलर्ट
हाल ही में मेंटल हेल्थ केयर को डब्ल्यूएचओ ने सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस रिपोर्ट की माने तो देश में हर 40 सेकेंड में एक युवक सुसाइड करने का प्रयास कर रहा है। इसकी रोकथाम के लिए एक साल पहले डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में बने मन कक्ष में तैनात एक्सपर्ट को विशेष अभियान चलाने को निर्देश दिए हैं।
 
'पिछले माह आई डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में सुसाइड क्राइसिस के केस बढ़े हैं। इस साल वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे पर इस मुद्दे पर ही विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसकी तैयारी कर ली गई है।'
- डाॅ. आशीष सिंह, मनोरोग विशेषज्ञ, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल
bareilly@inext.co.in


Posted By: Inextlive Desk

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