सुप्रीम कोर्ट ने कहा दहेज उत्पीड़न से परेशान महिलाएं कहीं भी दर्ज करा सकती हैं एफआईआर

2019-04-09T14:26:19Z

सुप्रीम कोर्ट ने आज महिलाओं को एक बड़ी सहूलियत दी है। कोर्ट ने कहा कि ससुराल से निकाली गई महिला पति और ससुराल वालों के खिलाफ उस जगह से भी मुकदमा दर्ज कर सकती है जहां वह रह रही है।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने आज महिलाओं के अधिकार क्षेत्र को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद ससुराल से भगाई गई या फिर ससुराल वालों की क्रूरता से परेशान होकर खुद ही घर छोड़कर दूसरी जगह रहने वाली महिलाएं अब ससुराल वालों के खिलाफ कहीं पर भी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इस सहूलियत से महिलाओं में खुशी की लहर दाैड़ गई है।
चाहे वह एक अस्थायी जगह हो या फिर उसके माता-पिता का घर
सीजेआई  रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एक महिला जो अपने सुसराल से जबरदस्ती निकाली गई है। वह 498A के तहत अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ जहां रह रही हैं उस इलाके के थाने में रिपोर्ट दर्ज करा सकती हैं। इसके बाद उस जगह की पुलिस मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई शुरू करेगी। चाहे वह एक अस्थायी जगह हो या फिर उसके माता-पिता का घर हो।
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दबंगई या फिर दूरी की वजह से शिकायत दर्ज कराने से बचती हैं
कोर्ट के इस फैसले ने घटनास्थल वाली जगह पर ही मामला दर्ज करने की बाध्यता पर होने वाली बहस को खत्म कर दिया है। आम ताैर पर शिकायतकर्ता ऐसे में मामलाें उसी स्थान पर शिकायत दर्ज करने को मजबूर होती है जहां उनके साथ अपराध हुआ था। इसके चलते कई बार महिलाएं ससुराल वालों की दबंगई या फिर दूरी की वजह से वैवाहिक स्थल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जाने से बचती हैं।

 


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