स्वच्छ वार्ड कॉम्पटीशन में नगर निगम फेल

2018-12-25T06:01:02Z

- स्टेट लेवल कॉम्पटीशन में वार्ड नंबर 32, 41 और 23 को नहीं मिला कोई स्थान

- पार्षदों ने शासन की सर्वे टीम के काम पर ही खड़े किए सवाल

BAREILLY:

स्वच्छ वार्ड कॉम्पटीशन में जिला लेवल पर अपनी पीठ थपथपाने के बाद बरेली नगर निगम स्टेट लेवल पर फेल हो गया। स्टेट लेवल पर जिन तीन वार्डो की एंट्री भेजी गई थी, उनमें वार्ड नंबर 32, 41 और वार्ड नंबर 23 शामिल थे। इन तीनों वार्डो के पार्षदों ने शासन से आई सर्वे टीम के काम पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। शासन द्वारा मन्डे को घोषित रिजल्ट में आगरा फ‌र्स्ट, गाजियाबाद सेकंड, लखनऊ थर्ड, झांसी व गोरखपुर फोर्थ और गोरखपुर, प्रयागराज व मथुरा को फिफ्थ घोषित किया गया है।

तीन को भेजना था स्टेट लेवल पर

नगर निगम को कॉम्पटीशन के तय मानकों के आधार पर अपने 80 वार्डो में से आठ (10 प्रतिशतत) सर्वश्रेष्ठ वार्ड खुद चुनने थे। इनमें से पांच को नगर निगम को जिला स्तर पर पुरस्कृत करना था और टॉप थ्री को स्टेट लेवल कॉम्पटीशन के लिए भेजना था। 18 दिसम्बर को शासन की ओर से आई दो सदस्यीय टीम ने शहर के उन 10 प्रतिशत वार्डो का निरीक्षण किया, जो नगर निगम ने सिलेक्ट किए थे।

ये पांच वार्ड चुने थे नगर निगम ने

नगर निगम ने जिला स्तर पर शहर के पांच वार्डो को चुना था। संडे को नगर निगम ने इन पांच वार्डो को पुरस्कृत भी किया था। इनमें से टॉप थ्री को स्टेट लेवल कॉम्पटीशन के लिए भेजा गया था।

फ‌र्स्ट : वार्ड नंबर 32 (गांधी उद्यान)

सेकंड : वार्ड नंबर 41 (बिहारीपुर मेमरान)

थर्ड : वार्ड नंबर 23 (इंदिरा नगर)

फोर्थ : वार्ड नंबर 67 (आवास विकास)

फिफ्थ : वार्ड नंबर 35 (रामपुर गार्डन)

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टीम ने इन बिंदुओं पर किया सर्वे

शासन की टीम ने नगर निगम के 8 वाडार्े को इन मानकों पर क्रॉस चेक किया।

शौचालय : नगर निगम की ओर से बनाए गए शौचालयों में जो सुविधाएं होनी चाहिए, वो हैं या नहीं।

कूड़ा कलेक्शन : नगर निगम की डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना ठीक तरह से काम रही है या नही।

साफ सफाई : अपने वार्ड में सफाई को लेकर लोग कितने अवेयर है? वार्ड में सफाई काम करते हैं या नहीं। डेली कूड़ा उठता है या नही।

अवेयरनेस : टीम ने अलग-अलग वार्डो के लोगों से बातचीत कर स्वच्छता के बारे में भी पूछा था। उस दौरान कुछ लोग कॉम्पटीशन के बारे में ही नही बता पाए थे।

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वर्जन

पीएम-सीएम से करूंगा शिकायत

शासन से आई टीम ने सर्वे ही गलत तरीके से किया। शील चौराहे पर बैठकर मार्किंग कर दी। वार्डो में घूमे तक नहीं। मैं इस बात की शिकायत मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री दोनों से करूंगा।

सतीश कातिब, मम्मा, पार्षद, वार्ड 23

पहला फेल तो हम कैसे पास होंगे

जब पहला वार्ड ही सिलेक्ट नहीं हुआ तो हमारा तो फिर भी सेकंड नंबर था। लेकिन, हम खुद नहीं समझ पाए कि हमारा वार्ड क्यों सिलेक्ट नही हुआ।

मुकेश मेहरोत्रा, पार्षद, वार्ड 41

पता नहीं टीम ने क्या सर्वे किया

जब टीम आई थी तो हमने काफी सफाई की थी। इसके बावजूद भी मेरा वार्ड सिलेक्ट नहीं हुआ। पता नहीं टीम ने क्या सर्वे किया? हमारा वार्ड तो काफी बड़ा है। पूरे वार्ड में कहीं भी गंदगी नही रहती।

पुष्पेंद्र माहेश्वरी, पार्षद वार्ड 32

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बाॅक्स : पहले ही बता दिया था विफल रहेगा नगर निगम

दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने 26 नवंबर के अंक में ही बता दिया था कि इस कॉम्पटीशन में नगर निगम पूरी तरह विफल रहेगा। इस कम्पटीशन में शामिल होने से कई पार्षदों ने ही इनकार कर दिया था। इनका आरोप था कि नगर निगम का स्वच्छता अभियान सिर्फ कागजों में चला रहा है। नगर निगम ने कोई भी संसाधन उपलब्ध नहीं कराए हैं। बिना संसाधन साफ सफाई कैसे होगी? जिन पार्षदों ने 15 नवंबर से शुरू हुई इस प्रतियोगिता में शामिल होने से इनकार किया था, उनमें विपक्ष सहित भाजपा के पार्षद भी शामिल थे।


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