स्वेटर खरीद में घोटालेबाजी शुरू

2018-10-26T06:00:10Z

-दो गांवों के प्रधानों ने शुरू किया खेल, अनधिकृत तरीके से खरीद लिए स्वेटर

-मामला संज्ञान में आया तो एक्शन में आए सीडीओ, प्रधानाध्यापक और प्रधान को किया तलब

Bareilly:

बेसिक स्कूलों में बच्चों के लिए स्वेटर खरीद का मौका मिलते ही घोटालेबाजी का खेल भी शुरू हो गया है। घोटाला करने में वह इतने आतुर हो गए हैं कि उन्हें शासन और अधिकारियों को ठेंगे पर रखने में गुरेज नहीं की। यह खेल दो गांवों के प्रधानों ने हेडमास्टर के साथ मिलकर शुरू किया था। खरीद-फरोख्त का मामला सीडीओ के संज्ञान में आ गया। उन्होंने अनधिकृत खरीद पर सवाल खड़ा करते हुए जवाब-तलब कर लिया है।

स्वयं सहायता समूहों से खरीदने थे

बच्चों के लिए स्वेटर की खरीद स्वयं सहायता समूहों से खरीदने का शासनादेश है। अक्टूबर तक सभी स्कूलों को स्वेटर की खरीद करनी है, लेकिन मझगवां ब्लाक के अखा कादरबाद व मुशरर्फपुर प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूल और ढका हर्रे की गौटिया व शाहबाजपुर प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल के बच्चों के लिए स्वेटर की खरीद रामपुर और अलीगंज की फर्म से कर ली। यादव स्वयं सहायता समूह अखा और उन्नति स्वयं सहायता समूह की पदाधिकारी कविता यादव और ब्रम्हा देवी ने ग्राम प्रधानों और शिक्षक पर समूह से स्वेटर न लेकर निजी फर्म से स्वेटर खरीदने की लिखित शिकायत की है।

50 रुपए प्रति स्वेटर कमीशन

बरेली में कुल 21 सौ प्राइमरी और 794 जूनियर स्कूल हैं। इनमें करीब साढ़े तीन लाख बच्चे रजिस्टर्ड हैं। इन बच्चों के लिए प्रति स्वेटर 200 रुपए में खरीदा जाना है। स्वेटर की खरीद 155 सक्रिय स्वयं सहायता समूहों से की जानी है। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया कि प्रधान और प्रधानाध्यापक जिस फर्म से स्वेटर खरीद रहे हैं, उससे 50 रुपए कमीशन ले रहे हैं, जिसके चलते बच्चों को घटिया किस्म के स्वेटर खरीदे जा रहे हैं। दोनों प्रधानों ने 554 स्वेटर की खरीद भी कर ली है। इस प्रकार करीब 27 हजार रुपए कमीशन खा गए।

कमीशनखोरी में प्रधान ने खोला पिटारा

बच्चों के स्वेटर की खरीद में कमीशनखोरी की जल्दी में प्रधान ने शासन से बजट आने का इंतजार नहीं किया। लिहाजा, स्वेटर की खरीद के लिए प्रधान ने ग्राम पंचायत के कोष से रुपए खर्च कर दिए।

वर्जन

समूहों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, इनको वरीयता देनी चाहिए। किस कारण से इन विद्यालयों की ओर से समूहों को वरीयता नहीं दी जा रही है इसकी जांच कराई जाएगी। बजट अभी नहीं आया है।

सत्येंद्र कुमार, सीडीओ, बरेली

शिक्षक का वर्जन--

जो भी आरोप लग रहे हैं वह गलत है। समूहों की ओर से मुझसे संपर्क नहीं किया गया।

अनुराग शर्मा, प्रधानाध्यापक

02 स्कूलों में हुई खरीद-फरोख्त

554 स्वेटर की हुई खरीद

50 रुपए कमीशनखोरी के आरोप

155 स्वयं सहायता समूह सक्रिय

3.5 लाख बच्चों के लिए खरीदने हैं स्वेटर


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