टाटा मोटर्स कर्मियों के ग्रेड रिवीजन पर नहीं बनी सहमति

2019-06-28T06:00:27Z

छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: टाटा मोटर्स कर्मचारियों के ग्रेड रिवीजन पर सहमति नहीं बन पाई है। अब अगले माह ही समझौता होगा। बीते दो-तीन दिन लगातार वार्ता चली लेकिन कुछ बिंदुओं पर सहमति नहीं बनने की वजह से समझौता टल गया। ग्रेड रिवीजन में कुछ ऐसे नए बिंदु भी शामिल हैं, जिसमें कंपनी मुख्यालय की मुहर लगना आवश्यक है। इन सभी बातों को देखते हुए ग्रेड समझौता कुछ दिनों के लिए टल गया। कर्मचारियों का ग्रेड एक अप्रैल-2019 से लंबित है। प्रबंधन-यूनियन के बीच दर्जनभर भर वार्ता भी हो चुकी है। टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक एसबी बोरवंकर ने भी ग्रेड रिवीजन समझौते की जानकारी ली। उन्होंने भी समय रहते समझौते करने की बात कही है।

पुणे की तर्ज पर होगा समझौता

टाटा मोटर्स जमशेदपुर कर्मचारियों का ग्रेड रिवीजन पुणे प्लांट की तर्ज पर होगा। वहां तीन साल के लिए समझौता हुआ है। यहां भी कर्मचारियों को ग्रेड का लाभ प्रतिशत के मुताबिक प्रत्येक साल (तीन वर्ष तक) मिलेगा। ग्रेड में कुल बढ़ोतरी का पहले साल 75 फीसद, दूसरे साल 15 व तीसरे वर्ष 10 फीसद राशि मिलेगी। यहां स्थायी कर्मियों की संख्या करीब 5,100 व अस्थायी 5,000 है। पुणे कर्मचारियों के बेसिक में 4,388, डीए में 1,050 वार्षिक बढ़ोतरी में 50 का इजाफा आदि भत्ते दिए गए हैं। बीते ग्रेड में टाटा मोटर्स कर्मचारियों को कुल (प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष) 17 हजार की बढ़ोतरी हुई है।


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