अब बेसिक व माध्यमिक में नहीं होंगे बीएलएड और डीएलएड

2018-11-30T06:00:24Z

-अगले सत्र से बीएलएड और डीएलएड के साथ-साथ बीटीसी कोर्स हो जाएंगे बंद

GORAKHPUR: बीएलएड और डीएलएड कोर्स बंद होने से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। जबसे खबर आई है कि राष्ट्रीय शिक्षा परिषद ने देश के टीचर एजुकेशन में बदलाव की तैयारी की है। तब से इस बात का शिक्षकों को टेंशन सता रहा है कि आगामी दिनों में उनके फ्यूचर का क्या होगा। लेकिन ऐसे शिक्षकों को टेंशन लेने की जरूरत नहीं है, जो पहले से बीटीसी, डीएलएड या बीएलएड कर चुके हैं। उनकीडिग्री पर किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन अगले सत्र से नई व्यवस्था के तहत चार वर्षीय बीएड ही शिक्षक पात्रता के लिए मान्य होगा।

सत्र 2019-20 से होगा लागू

अब बेसिक स्कूलों और माध्यमिक कॉलेजों में शिक्षक बनने के लिए अलग-अलग कोर्स नहीं चलेंगे। शिक्षक बनने के लिए सिर्फ बीएड कोर्स ही चलेगा। इसके लिए बीएड की समय सीमा भी बढ़ाई जा रही है। अब बीएड दो साल का नहीं, बल्कि चार साल का होगा। शैक्षिक सत्र 2019-20 में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। पिछले दिनों एनसीटीई में हुई बैठक में इस पर मुहर भी लग गई है। इस नेशनल कमेटी के चेयरमैन एमजेपी रूहेलखंड यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो। अमिल कुमार शुक्ल हैं।

सिर्फ बीएड ही होंगे मान्य

अब तक बेसिक स्कूलों में बीटीसी और माध्यमिक कालेजों में बीएड डिग्रीधारक शिक्षक बनने के पात्र होते हैं। इसके अलावा बीएलएड, डीएलएड जैसे कोर्स भी बेसिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए कराए जाते हैं। इन सब कोर्स की जगह सिर्फ बीएड कोर्स ही चलेगा। कला वर्ग के लिए बीएड और साइंस वर्ग के लिए बीएससी बीएड कोर्स चलेगा। बीएड कोर्स को भी कई वर्गो में बांटा जाएगा, जैसे प्राइमरी के लिए अलग बीएड कराया जाएगा तो माध्यमिक कॉलेजों के लिए बीएड होगा।

बीते दिनों हो चुकी है बैठक

अगले साल से बीएड कोर्स भी दो की जगह चार साल का हो जाएगा। एनसीटीई ने इसके लिए एक नेशनल स्तर की कमेटी बनाई है। इसका चेयरमैन एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के वीसी को बनाया गया है। पिछले दिनों इस बदलाव को लेकर दिल्ली में बैठक भी हो चुकी है। सूत्रों की माने तो यह बदलाव अगले साल से अमल में लाया जाएगा। बीएड कोर्स के लिए पूरा खाका तैयार किया जा रहा है। प्रस्ताव पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय में स्वीकृति मिलने के बाद पूरे देश में इसे लागू कर दिया जाएगा।

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