कुंभ के दौरान बीमार होना मना है

2019-01-24T06:00:30Z

- रेलवे हॉस्पिटल में जेनविन केस में ही सिकनेस सर्टिफिकेट देने के दिए गए निर्देश

- अब तक जुगाड़ लगाकर कुछ लोग हासिल कर लेते थे सिकनेस सर्टिफिकेट

- कुंभ के लिए स्पेशल ट्रेंस चलने की वजह से रनिंग स्टाफ के मेडिकल सर्टिफिकेट पर नजर

GORAKHPUR: ड्राइवर और रनिंग स्टाफ की कमी से जूझ रहे रेलवे में अब बीमार होना भी मना है। कुंभ का सीजन है और एनई रेलवे ने श्रद्धालुओं को वहां पहुंचाने का बीड़ा उठाया है, इसमें कोई ग्रहण न लगे, इसको लेकर रेलवे काफी सख्त हो गया है। सिकनेस का बहाना कर कर्मचारी गायब न हो जाएं, इसके लिए उन्होंने रेलवे हॉस्पिटल के जिम्मेदारों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि सिर्फ जेनविन केस में ही सिकनेस का सर्टिफिकेट दिया जाए, वहीं खांसी, जुकाम जैसी छोटी बीमारी में सर्टिफिकेट न इशु कर दिए जाएं। क्योंकि ऐसा करने से न सिर्फ रेलवे की मुसीबत बढ़ेगी, बल्कि इससे मुसाफिरों को भी काफी परेशानी हो सकती है।

112 ट्रेंस चलाने का लिया है डिसीजन

कुंभ के दौरान एनई रेलवे ने खास तैयारियां की हैं। जहां स्टेशंस पर श्रद्धालुओं के लिए खास व्यवस्थाएं की गई हैं, तो वहीं रेलवे खास प्रयागराज के लिए स्पेशल ट्रेंस चला रहा है। पूरे एनई रेलवे जोन से 112 ट्रेंस चलाई जा रही हैं। रेक अवेलबल रहे और जरूरत पड़ने पर एक्स्ट्रा गाडि़यां दौड़ाई जा सकें, इसको देखते हुए उन्होंने कई गाडि़यों को कैंसिल किया है। इन सभी ट्रेंस को स्पेशल प्रयागराज के लिए लगाया गया है। इनको चलाने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए रेलवे ने सभी रनिंग स्टाफ की सिकनेस और फिटनेस की निगरानी शुरू कर दी है।

छुट्टी के लिए बनाते हैं बहाने

रेलवे में रनिंग स्टाफ की कमी है और काफी दिनों से इसकी भर्ती भी नहीं हुई है। इसकी वजह से ट्रेंस चलाने में काफी प्रॉब्लम हो रही है। एक-एक रनिंग स्टाफ एक्स्ट्रा ड्यूटी कर रहा है। इसकी वजह से सिर्फ बीमारी ही एक ऐसा बहाना है, जिसके जरिए उन्हें छुट्टी मिल सकती है। लेकिन कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को प्रयागराज तक पहुंचाने के लिए खास तैयारी करने वाले रेलवे ने कर्मचारियों के इस बहाने पर भी पहरा लगा दिया है। अब जेनविन केस में ही उन्हें छुट्टी मिल सकेगी, वरना उन्हें अपनी ड्यूटी करनी ही करनी है। हां, यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई कर्मचारी सही में बीमार हो और वह इस लायक न हो कि वह ड्यूटी कर सके, तो उसे सिकनेस सर्टिफिकेट दे दिया जाए।

वर्जन

कुंभ के लिए रेलवे ने खास तैयारियां की हैं। श्रद्धालुओं को कुंभ स्नान के लिए पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। इसमें कोई व्यवधान न आए, इसके लिए सभी रनिंग स्टाफ से अपील की गई है कि वह जेनविन केस में ही सिकनेस लीव के लिए अप्लाई करें। वहीं हॉस्पिटल में भी कहा गया है कि जेनविन केस में ही सर्टिफिकेट अलॉट किया जाए।

- संजय यादव, सीपीआरओ, एनई रेलवे

Posted By: Inextlive

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