Middlemen खा जा रहे हैं आपका आलू!

2013-11-12T09:40:10Z

Ranchi सिटी समेत पूरे स्टेट में आलू की बढ़ रही कीमतों की वजह न तो यहां इसका कम प्रोडक्शन है और न ही इसके इम्पोर्ट में आ रहीं अड़चनें हैं एक्चुअली झारखंड में उपजनेवाला और किंग ऑफ वेजिटेबल्समाना जानेवाला आलू मिडिलमैन के कŽजेमें है मिडिलमैन ही यहां आलू की बढ़ रहीं कीमतों की जड़ हैं अगर ये मिडिलमैन न हों तो आलू अभी भी 25 से 30 रुपए प्रति केजी के बजाय पहले की ही तरह 12 से 14 रुपए प्रति केजी मिल सकता है


Middleman लूट रहा common man को!
आलू के प्रोडक्शन में टॉप टेन में जगह बनाने के बावजूद झारखंड के लोग महंगे आलू खरीदने को मजबूर हैं. कहा जा रहा है कि झारखंड में आलू वेस्ट बंगाल से इम्पोर्ट किया जाता है, मगर इन दिनों वेस्ट बंगाल गवर्नमेंट ने अपने स्टेट से आलू के एक्सपोर्ट पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. इससे झारखंड में वहां से आलू नहीं आ पा रहा है. इस वजह से झारखंड में आलू महंगा हो गया है. पर, अगर यहां के किसानों की मानें, तो रांची समेत पूरे स्टेट में आलू के महंगे होने की वजह पहले तो यहां फॉलिन का असर पडऩा है और उसके बाद इस महंगाई की सबसे बड़ी वजह मिडिलमैन हैं. ये वो लोग हैं, जो झारखंड में उपजे आलू को किसानों से कम कीमतों पर खरीदकर मार्केट में महंगे दामों में सप्लाई कर रहे हैं. इतना ही नहीं, ये लोग यहां उपजे आलू को दोगुनी कीमत लेकर दूसरे स्टेट्स में एक्सपोर्ट भी कर रहे हैं, जिससे यहां के लोगों के लिए आलू कम पड़ जा रहे हैं. ऐसे में यहां आलू की डिमांड ज्यादा और सप्लाई या अवेलेबिलिटी कम होने की वजह से इसकी कीमतें बढ़ा दी गई हैं. अगर इन मिडिलमेन को आलू और झारखंड के आमलोगों के बीच से हटा दिया जाए, तो आलू की कीमतें कम होने के पूरे चांसेज हैं.

किसानों को कर्ज देकर उठाते नाजायज फायदा
नाम न छापने की शर्त पर मांडर के एक किसान ने बताया कि झारखंड में खेत से लेकर मार्केट तक मिडिलमेन एक्टिव हैं. वे अपने फायदे के लिए यहां के किसानों को आलू समेत अन्य सŽिजयों की खेती करने के लिए कर्ज भी देते हैं. उपज होने के बाद ये मिडिलमेन उन किसानों से कम कीमत पर आलू खरीद लेते हैं. चूंकि किसान उनके कर्ज के बोझ तले दबे होते हैं, इसलिए उनके पास अपना आलू उन मिडिलमेन के हाथों कम दाम में बेचने के अलावा और कोई ऑप्शन नहीं होता है, जिसका फायदा ये मिडिलमेन उठाते हैं. किसानों से सस्ते रेट में आलू खरीदकर ये मिडिलमेन उसे दोगुने दाम पर दूसरे स्टेट्स के बिजनेसमेन के हाथों बेच देते हैं.

Posted By: Inextlive

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