इजराइल में बना एंटी कॉलिजन डिवाइस रोकेगा रोडवेज बसों का एक्सीडेंट

2019-07-16T10:41:26Z

जल्दी ही ट्रेनों की तर्ज पर बसों में भी एंटी कॉलिजन डिवाइस लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद ड्राइवर को झपकी आई तो डिवाइस की वजह से बस खुद रूक जाएगी और एक्सीडेंट का खतरा काफी हद तक कम हो जायेगा।

vinod.sharma@inext.co.in

VARANASI: आगरा में हुए बस हादसे से सबक लेते हुए रोडवेज विभाग अपने सिस्टम को बेहतर करने की कवायद में जुट गया है. ट्रेनों की तर्ज पर लंबी दूरी की बसों में एंटी कॉलिजन डिवाइस (एसीडी) लगाया जाएगा. इजराइल देश में तैयार यह डिवाइस नींद आने पर बस ड्राइवरों को तुरंत अलर्ट कर देगा. सेंसर युक्त एंटी कॉलिजन डिवाइस लगाने से पहले उसका ट्रायल दो बसों में किया गया जो पूरी तरह से सफल रहा है. रोडवेज इस डिवाइस को खरीदने के लिए जल्द शासन को प्रस्ताव भेजेगा.

 

डिवाइस में खूबियां तमाम

रोडवेज बसों के लिए इजराइल देश से आने वाले प्रति डिवाइस की कीमत करीब 40 हजार रुपये है. -इसे बस के डैश बोर्ड पर लगाया जाएगा. इसे स्टेयरिंग से कनेक्ट कर दिया जाएगा. -स्टेयरिंग से ड्राइवर की पकड़ कम होते ही बीप की आवाज आएगी. -ड्राइवर नहीं चेता तो लाल बत्ती के साथ चेतावनी मिलेगी. -फिर भी ड्राइवर सचेत नहीं हुआ तो गाड़ी में फ्यूल की सप्लाई बंद होगी और खुद ही ब्रेक लग जाएंगे. -गलत ओवरटेकिंग रोकने में भी यह डिवाइस पूरी तरह सफल बताई जा रही है.

 

बाटेंगे कैटिगरी में

बस दुर्घटनाएं रोकने के लिए रोडवेज हर मुकम्मल तैयारी कर रहा है. बसों और ड्राइवर को एबी और सी तीन कैटेगरी में बांटकर उनकी दूरी और रूट तय किया जाएगा. अफसर की मानें तो ए कैटेगरी में वही बसें शामिल की जाएंगी जिन्होंने चार लाख किमी से कम दूरी तय की है. यह प्रमुख रूट पर लम्बी दूर तक जाएंगीं. इनके ड्राइवर वहीं होंगे, जिन्होंने कभी एक्सिेंट नहीं किया है. 4 लाख किमी से अधिक चली बसों को बी कैटेगरी में शामिल करेगा. इन बसों में वो ड्राइवर ड्यूटी करेंगे, जिन्होंने यदा-कदा दुर्घटनाएं की हैं. जबकि सी कैटेगरी में आठ लाख किमी की दूरी पूरा कर चुकी बसें शामिल होंगी. यह बसें रोजाना 100 से 300 किमी का ही सफर तय करेंगी. ये बसें बनारस से इलाहाबाद, बनारस से गोरखपुर, बनारस से आजमगढ़, सोनभद्र, सुल्तानपुर आदि रूट के लिए चलाई जाएंगी.

वर्जन..

लम्बी दूरी तक जाने वाली बसों में एंटी कॉलिजन डिवाइस लगाने की तैयारी चल रही है. 400 किमी से अधिक दूरी पर जाने वाली बसों के ड्राइवर वही होंगे जिन्होंने कभी एक्सिडेंट नहीं किया है. इतना ही नहीं लम्बी दूरी की बसों में दो-दो ड्राइवर भी भेजे जाएंगे.

-केके शर्मा, रिजीनल मैनेजर, कैंट रोडवेज

 

कुल बसें : 574

कुल ड्राइवर : 980


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.