मंडी में चोरों की बल्लबल्ले

2017-10-10T07:00:33Z

- महेवा मंडी में चोर-उचक्कों का आतंक, कभी ट्रक तो कभी दुकान से गायब कर देते माल

- व्यापारियों में भय का माहौल लेकिन मंडी प्रबंधन को नहीं है कोई परवाह, नहीं दर्ज कराई कोई एफआईआर

नंबर गेम

- 600 दुकानें लगती हैं मंडी में

- 3 लाख रुपए प्रति माह खर्च होता है सुरक्षा पर

- 10-15 चोरी की बड़ी घटनाएं हो जाती हैं हर माह

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इनके जिम्मे सुरक्षा

8 प्राइवेट गार्ड तैनात किए गए हैं

5 होमगार्ड भी हैं तैनात

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GORAKHPUR: नवीन मंडी, महेवा पूर्वाचल की सबसे बड़ी सब्जी, मछली व फल मंडी है। करीब 600 दुकानें हैं और करोड़ों का व्यापार होता है लेकिन यहां के व्यापारी चोर-उचक्कों से परेशान हैं। कारोबारी अपने कारोबार का ढाई परसेंट मंडी परिषद को टैक्स के रूप में दे देते हैं लेकिन इसके बाद भी मंडी प्रबंधन की ओर से उनको सुरक्षा नहीं दे पा रहा। रोज ही किसी न किसी व्यापारी का सामान गायब हो जाता है जिससे व्यापारियों में भय का माहौल है।

लापरवाह हैं सुरक्षा गार्ड

कहने को तो मंडी की सुरक्षा के लिए 8 प्राइवेट सुरक्षा गार्ड व 5 होम गार्ड तैनात किए गए हैं लेकिन इसके बाद भी हर माह 10-15 चोरियां मंडी में हो रही हैं। सुरक्षा गार्ड तो लापरवाह हैं ही, मंडी समिति के अधिकारी भी व्यापारियों व उनके सामानों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह है। लापरवाही का आलम यह है कि व्यापारियों की ओर से चोरियों की शिकायत किए जाने के बाद भी मंडी परिषद ने अभी तक थाने में कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई है।

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इस तरह हो रहीं चोरियां

- रात में खड़े वाहनों से गायब हो जाती बोरियां

- दुकानों से गायब हो जाती मछली

- सब्जियां हो जाती हैं चोरी

- फलों की पेटी हो जाती है गायब

- व्यापारियों के मोबाइल आदि सामान हो जाते हैं चारी

- मंडी में आई गाडि़यों से निकाल लेते हैं तेल

(व्यापारी चोरी की शिकायत मंडी परिषद से करते हैं लेकिन परिषद की ओर से कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई.)

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कॉलिंग

मंडी की तैनात सुरक्षा कर्मी दिखाई ही नहीं देते हैं जबकि व्यापारी अपने कारोबार का ढ़ाई प्रतिशत मंडी शुल्क देते हैं। आए दिन शॉप से लहसून, प्याज, रुई और मछली चोरी होती रहती है।

- संजय शुक्ला, अध्यक्ष,

सब्जी -फल विक्रेता, पूर्वाचल सब्जी-फल विक्रेता कल्याण समिति

कई बार रात में मंडी में गाड़ी आती है लेकिन गाड़ी से ही आलू की बोरी गायब हो जाती है। हम लोग मंडी प्रबंधन को टैक्स देते हैं लेकिन इसके बाद भी मंडी में हम लोगों का सामान सुरक्षित नहीं है।

- शम्स तबरेज, आलू व्यापारी

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वर्जन

मंडी की सुरक्षा के लिए कर्मी लगाए गए हैं। रात में छह सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी करते हैं। यदि सुरक्षा कर्मी लापरवाही बरत रहे हैं तो इसकी जानकारी ली जाएगी।

- केके सिंह,

डीडीए,

मंडी परिषद महेवा

Posted By: Inextlive

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