देवरिया कांड सामने आने के बाद संरक्षण गृहों के हालात को लेकर बेहद सख्त कदम उठाए गए हैं। केंद्र द्वारा नामित संस्था के साथ ही प्रदेश सरकार ने यूपी की आठ यूनिवर्सिटी से भी सोशल ऑडिट कराने का फैसला किया है।

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LUCKNOW: देवरिया कांड सामने आने के बाद प्रदेश में संचालित हो रहे संरक्षण गृहों के हालात को लेकर बेहद सख्त प्रदेश सरकार ने इनका सोशल ऑडिट आठ यूनिवर्सिटी से कराने का निर्णय लिया है। सोशल ऑडिट का काम राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा नामित संस्था भी करेगी। नामित संस्था का आकार व अनुभव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इसमें यूनिवर्सिटी को भी शामिल करने का फैसला लिया है। सोशल ऑडिट में जहां भी गड़बड़ी मिलेगी वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

यूपी के देवरिया कांड और बिहार के मुजफ्फरपुर कांड के बाद महिला कल्याण विभाग के तहत आने वाले सभी संरक्षण गृहों व संस्थाओं के हालात को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। जिसके बाद इन संरक्षण गृहों व बाल गृहों का सरकारी के अलावा सोशल ऑडिट कराने का मामला जोर-शोर से उठा था। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को सभी राज्यों में सोशल ऑडिट कराने का जिम्मा सौंपा था। जिसके बाद आयोग ने यूपी में सोशल ऑडिट के लिए लखनऊ की संस्था एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट साइंस को नामित किया है।
आयोग को पत्र लिखकर किया सूचित
अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार ने बताया कि महिला कल्याण विभाग ने आयोग को पत्र लिखकर कहा था कि उनके द्वारा तय की गई संस्था एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट साइंस की ख्याति व महिला कल्याण के क्षेत्र में इसके कार्यों की जानकारी उनके पास नहीं है। विभाग के पास इस संस्था के इंफ्रास्ट्रक्चर व मैनपावर की भी जानकारी नहीं है। इस पत्र में बताया गया कि यूपी में तो सोशल ऑडिट वर्ष 2015 से हो रहा है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार केंद्र की संस्था के साथ ही अपने स्तर से भी सोशल ऑडिट कराएगी। इसके लिये आठ प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी को चुना गया है।
 
यह यूनिवर्सिटी करेंगी सोशल ऑडिट

- डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय लखनऊ
- डॉ. राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय फैजाबाद
- महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी
- लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ
- एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली
- डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय झांसी
- आगरा विश्वविद्यालय, आगरा
- काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी

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Posted By: Shweta Mishra