बिहार मठ में सोए थे पुजारी चोर ले गए अष्टधातु की कीमती मूर्तियां

2019-01-11T10:43:23Z

-2011 में भी राम, लक्ष्मण और सीता की मूर्ति हुई थी चोरी

HAZIPUR/PATNA : जंदाहा प्रखंड के तिसीऔता थाना क्षेत्र के नारी खुर्द पंचायत अंतर्गत नारी कला राम जानकी मठ से बुधवार की देर रात भगवान राम, लक्ष्मण और सीता की अष्टधातु निर्मित कीमती मूर्तियां चोरी हो गई। मंदिर परिसर में ही पुजारी नरहरि दास एक कमरे में सोए थे और बुधवार की देर रात चोरों ने दरवाजा में लगे ताले को काटकर मंदिर में स्थापित भगवान राम, लक्ष्मण व सीता की मूर्तियां चोरी कर ली।

लोहे का कटर बरामद

ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार की सुबह पुजारी नरहरि दास द्वारा घटना की सूचना स्थानीय थाना को दी गई। बताया गया कि पुजारी नरहरि दास मंदिर से मूर्ति चोरी की घटना की जानकारी किसी ग्रामीण को दिए बगैर गुरुवार की सुबह थाना को सूचना देने चले गए। ग्रामीणों में इस बात से काफी नाराजगी देखी गई। घटना की सूचना पर स्थानीय थाना घटनास्थल पर पहुंची और घटना का जायजा लेते ग्रामीणों और पुजारी से पूछताछ के बाद मंदिर परिसर से ताला काटने वाला एक लोहे का कटर फेंका हुआ बरामद किया। मंदिर के लोहे के दरवाजे में लगे ताले का कोई पता नहीं चला है। मंदिर से मूर्ति चोरी की घटना से ग्रामीण काफी दुखी हैं और मंदिर के पुजारी नरहरि दास पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इस घटना में पुजारी की भूमिका को संदेहास्पद बता रहे हैं।

सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं मूर्तियां

लोगों ने बताया कि मंदिर में स्थापित भगवान राम, लक्ष्मण और सीता की मूर्तियां सैकड़ों वर्ष पुरानी है। इसकी कीमत लाखों में आंकी जाती है। मालूम हो कि वर्ष 2011 में भी इस मंदिर से चोरों ने भगवान राम, लक्ष्मण और सीता की प्राचीन मूर्तियां चोरी कर ली थी। पंचायत के तत्कालीन मुखिया छोटेलाल राय के प्रयास से तत्कालीन थानाध्यक्ष केएम सिंह और दरोगा विकास कुमार द्वारा छापेमारी कर घटना के 2 महीने बाद एक बगीचा से मूर्तियां बरामद की गई थी। सभी मूर्तियों के हाथ की अंगुली और आंख गायब थी। पुलिस द्वारा बरामद की गई सभी मूर्तियां को थाना से बैंड बाजे के साथ मंदिर लाया गया था। ग्रामीणों के सहयोग से क्षतिग्रस्त सभी मूर्तियों को दुरुस्त करवाकर पूजा-पाठ कर विधिवत सभी मूर्तियों को मंदिर में फिर से स्थापित किया गया था।

पुजारी की भूमिका को बता रहे संदिग्ध

ग्रामीणों द्वारा एक संयुक्त हस्ताक्षरित आवेदन स्थानीय थाना को सौंपकर मंदिर के पुजारी की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए पुजारी द्वारा मंदिर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस प्रशासन से मांग की गई है कि मंदिर के पुजारी की भूमिका की जांच करते हुए मंदिर से चोरी गई सभी मूर्ति की सुरक्षित बरामदगी की जाए। वहीं मंदिर के पुजारी नरहरि दास द्वारा मंदिर से चोरी गई अति प्राचीन मूर्ति को लेकर अज्ञात चोरों के विरुद्ध थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

पुजारी ने आरोप को बताया निराधार

मंदिर के पुजारी नरहरि दास ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ग्रामीणों द्वारा द्वेष की भावना से बेबुनियाद आरोप लगाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन मामले की गहन जांच पड़ताल में लगी है। थानाध्यक्ष डॉ राजीव नयन प्रसाद ने बताया कि पुलिस इस मामले में सभी ¨बदुओं पर बारीकी से जांच कर रही है तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए चोरी गई मूर्ति बरामद किए जाने का प्रयास जारी है।

Posted By: Inextlive

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