यह स्‍मार्ट बैंडेज जख्‍म को ठीक ही नहीं करता बल्कि डॉक्‍टरी भी करता है!

2018-07-10T08:36:41Z

आजकल तो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का जमाना है हर चीज समझदार होती जा रही है। अब जरा इस लेटेस्‍ट बैंडेज को ही लीजिए जो घाव पर चिपककर उसे ठीक ही नहीं करता बल्कि डॉक्‍टर बनकर सलाह भी देता है।

पुराने घावों की हर वक्त करता है निगरानी और बताता है दवा की सही मात्रा

वाशिंगटन (पीटीआई) वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक ऐसा स्मार्ट बैंडेंज डेवलप किया है जो एक्टिव रहकर हर वक्त किसी भी घाव खासतौर पर पुराने घावों की निगरानी कर सकता है। साथ ही ट्रीटमेंट की बेहतर संभावनाओं को ध्यान में रखकर उसे जल्दी ठीक करने के लिए दवा या एंटीबायोटिक की सही मात्रा भी बता सकता है। यानि कि इस मरीज की बॉडी में मॉजूद किसी भी घाव या चोट की आंतरिक निगरानी की जा सकती है, वो भी बिना चोट को देख हुए। यह बैंडज चोट की फुल मॉनिटरिंग करके बताता रहता है कि अब आगे क्या करना है और वो घाव कब तक भर जाएगा।

इस बैंडेज में लगा माइक्रोप्रोसेसर बताता है जख्म का पूरा हाल

अमरीका के मैसाच्यूसेट्स स्थित टफ्ट्स यूनीवर्सिटी में रिसर्चर्स ने माइक्रोप्रोससर युक्त एक नए बैंडेज को विकसित करने में सफलता हासिल की है। यह बैंडेज घाव के तापमान और उसके पीएच लेवल की नॉन स्टॉप मॉनिटरिंग करके बताता रहता कि चोट की हालत क्या है और जरूरत पड़ने पर उसके लिए दी जाने वाली दवाओं की सही मात्रा भी जख्म तक पहुंचाता है। इसके अलावा इस स्मार्ट बैंडेज में लगा सेंसर और प्रोसेसर मरीज के घाव की निगरानी करके उसमें मौजूद किसी संक्रमण और जलन के बारे में भी बताता है।

जलने से होने वाले घावों और डायबिटीज मरीजों के लिए काफी फायदेमंद

रिसर्च टीम के मुताबिक उन्होंने हर तरह के जख्मों पर इस बैंडेज का सफल परीक्षण कर लिया है। जलने के कारण होने वाले घावों को जल्दी ठीक करने में काफी मदद करेगा यह बैंडेज। इसके अलावा डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए जख्म बड़ी परेशानी का सबब बन जाते हैं। ऐसे में यह बैंडेज जख्म की इंटर्नल मॉनिटरिंग करके जल्द से जल्द ठीक करने में काफी हेल्पफुल होता है।

इस बैंडेज को सस्ता बनाने के लिए रिसर्च टीम ने किया खास प्रयास

journal Small नाम की शोध मैगजीन में छपी इस रिसर्च के हेड प्रोफेसर समीर सोनकुसले के मुताबिक यह बैंडेज पूरी तरह पारदर्शी है और इसकी मोटाई मिलीमीटर है। इस बैंडेज को ऐसे पुर्जों से मिलाकर बनाया गया है, ताकि इसकी कीमत कम से कम रखी जा सके। बता दें कि इस बैंडेज में लगे माइक्रो प्रोससर को दोबारा से इस्तेमाल किया जा सकता है।

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Posted By: Chandramohan Mishra

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