टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहला मेडल् मिल गया है। मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता है। इसी के साथ वह वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं।

कानपुर (इंटरनेट डेस्क)। मीराबाई चानू ने ओलंपिक के इतिहास में वेटलिफ्टिंग में भारत का पहला सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। चानू ने 49 किग्रा वर्ग में पदक जीता। 26 वर्षीय ने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क स्पर्धा में 115 किग्रा भार उठाकर 49 किग्रा वर्ग के फाइनल में भारतीय इतिहास रचने के लिए कुल 202 का स्कोर बनाया। सिल्वर मेडल के साथ चानू ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में भारत का पदक खाता भी खोल दिया है। चीन के होउ झिहुई ने इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि कांस्य पदक इंडोनेशिया ने जीता।

मीरा बाई चानू ने रचा इतिहास
चानू को इस साल ओलंपिक में भारत के सबसे मजबूत पदक दावेदारों में से एक के रूप में देखा गया था और वह अच्छी फॉर्म में थी। उन्होंने इस साल की शुरुआत में अपनी कैटेगरी में 114 किग्रा भार उठाकर क्लीन एंड जर्क विश्व रिकॉर्ड बनाया था। फाइनल में चीन की झिहुई ने स्नैच इवेंट में 94 किग्रा भार उठाकर ओलंपिक रिकॉर्ड बनाया। स्नैच खत्म होने के बाद वह तालिका में शीर्ष पर रहीं, जबकि क्लीन एंड जर्क तालिका में शीर्ष पर रहीं।

यह उनका दूसरा ओलंपिक था
ओलंपिक में चानू का यह दूसरा मौका था। 2016 में रियो ओलंपिक में, वह 82 किग्रा के अपने पहले स्नैच प्रयास में विफल रही थी। अपने दूसरे प्रयास में, वह 84 किग्रा में तीसरे प्रयास में असफल होने से पहले 82 किग्रा उठाने में सफल रही। हालांकि वह उस वक्त कोई मेडल नहीं जीत पाई थी। हालांकि, भारोत्तोलक ने टोक्यो में अपने दूसरे आउटिंग में जबरदस्त प्रदर्शनदकिया। चानू ने अपना पहला और दूसरा स्नैच का प्रयास क्रमशः 84 किग्रा और 87 किग्रा में पूरा किया, इससे पहले कि वह 89 किग्रा के प्रयास में विफल रही। क्लीन एंड जर्क इवेंट में, उन्होंने सफलतापूर्वक 110 किग्रा और 115 किग्रा भार उठाया।

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari