जहरीली शराब ने 14 को निगला 45 गंभीर ये है पिछले कुछ सालों में शराब से हुई मौतों का आंकड़ा

2019-05-29T09:51:08Z

बाराबंकी के रामनगर में जहरीली शराब ने 14 लोगों को निगल लिया जबकि 34 लोगों को गंभीर हालत में लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में एडमिट कराया गया है।

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LUCKNOW/BARABANKI : बाराबंकी के रामनगर में जहरीली शराब ने 14 लोगों को निगल लिया, जबकि 34 लोगों को गंभीर हालत में लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में एडमिट कराया गया है। मौतों का यह आंकड़ा दो बजे तक का है, जिसमें और इजाफा की आशंका है। जबकि, प्रशासन सिर्फ आठ लोगों की मौत की पुष्टि कर रहा है। हैरानी की बात है कि भुक्तभोगियों ने यह जहरीली शराब किसी शराब तस्कर से नहीं बल्कि, सरकारी देशी शराब के ठेके से खरीदी थी। इतनी भारी संख्या में लोगों की मौत ने शासन में हड़कंप मचा दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्त नाराजगी के बाद जिला आबकारी अधिकारी, सीओ, इंस्पेक्टर, बीट दारोगा समेत 15 अधिकारियों, कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, सरकारी ठेके के अनुज्ञापी व सेल्समैन की तलाश शुरू कर दी गई है।


देर रात बिगड़ने लगी हालत

बाराबंकी के रामनगर थानाक्षेत्र स्थित रानीगंज में सरकारी देशी शराब की दुकान है। इस दुकान का अनुज्ञापी बहराइच निवासी दानवीर सिंह है। सोमवार को रानीगंज व आसपास के गांवों के लोगों ने इस दुकान से देशी शराब खरीदकर पी और अपने घरों को चले गए। देररात अचानक उनकी हालत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते रानीगंज, अकोहरा, उमरी, पिपरी महार, ततेहरा, कटहरी, अमरई भुंड, लोहारनपुरवा और तेलवारी गांव में कोहराम मच गया। सीएचसी सूरतगंज, रामनगर और फतेहपुर में सुबह होते-होते मरीजों की कतार लग गई। जबकि, 14 लोगों की मौत हॉस्पिटल में या वहां पहुंचने से पहले ही हो गई।
मच गया हड़कंप
सीएचसी के डॉक्टर्स ने जिले के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को घटना की सूचना दी। इतनी बड़ी तादाद में लोगों की मौत या गंभीर हालत होने की खबर से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। गंभीर हालत वाले 45 मरीजों को बाराबंकी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जानकारी मिलने पर आलाधिकारी आनन-फानन जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टर्स ने 34 गंभीर मरीजों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। जानकारी मिलने पर आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद, कमिश्नर डॉक्टर मनोज मिश्र, आईजी डॉक्टर संजीव गुप्ता, संयुक्त आबकारी निदेशक हरिश्चंद्र, डीएम उदयभानु त्रिपाठी, एसपी अजय कुमार साहनी ने रानीगंज पहुंचकर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने पीडि़त परिवारों के बयान दर्ज किये और जिम्मेदार अफसरों व कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिये।

इन अफसरों-कर्मियों पर गिरी गाज

सरकारी देशी शराब की दुकान में जहरीली शराब की बिक्री और उससे हुए इतने बड़े हादसे पर शासन ने जिला आबकारी अधिकारी एसएन दुबे, सीओ रामनगर पवन गौतम, इंस्पेक्टर रामनगर राजेश कुमार, आबकारी इंस्पेक्टर रामतीरथ मौर्य, सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह, कॉन्सटेबल परमात्मा व जंगबहादुर गुप्ता समेत आठ आबकारी कॉन्सटेबल्स को सस्पेंड कर दिया।
साढ़ू से संचालित करवा रहा था दुकान
शुरुआती जांच में जो तथ्य निकलकर सामने आया है, वह आबकारी विभाग की लापरवाही या कहें मिलीभगत को साफ बयां कर रहा है। जांच में पता चला कि रानीगंज सरकारी शराब की दुकान का अनुज्ञापी बहराइच निवासी दानवीर सिंह है। दानवीर बहराइच में ही रहता है जबकि, उसने यह दुकान अपने अशोक सिंह को संचालित करने के लिये दे रखी थी। वर्तमान में यह दुकान अशोक सिंह व उसका बेटा मनीष सिंह संचालित करते थे। बताया जा रहा है कि दानवीर सिंह की रानीगंज के अलावा पांच अन्य शराब के ठेके हैं, जिन्हें दूसरे लोग संचालित करते हैं।

इनकी हुई मौत

कटेहरी निवासी विनय प्रताप उर्फ राजू सिंह (30), देवरिया गांव निवासी राजेश (35), रानीगंज निवासी रमेश कुमार (35), छोटू (25), मुकेश (28), छोटेलाल (60), पिपरी महार निवासी सूर्यभान (35), उमरी निवासी राजेंद्र वर्मा (38), अमराई भुंड निवासी शिवकुमार (37), ततहेरा निवासी महेंद्र (36), लोहारनपुरवा निवासी राम सहारे (20), रानीगंज निवासी शिवकुमार यादव (45), तेलवारी निवासी महेश सिंह (45) और कजियापुर निवासी रामस्वरूप (55) है।

तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

बाराबंकी के रामनगर में जहरीली शराब कांड की जांच के लिये चीफ सेक्रेटरी अनूप चंद्र पांडेय ने आबकारी आयुक्त पी। गुरुप्रसाद के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इसमें उनके अलावा कमिश्नर अयोध्या और आईजी अयोध्या सदस्य होंगे। कमेटी जहरीली शराब की आपूर्ति का स्रोत का पता लगाने के साथ ही इस मामले में आरोपियों से किन अधिकारियों की संलिप्तता है, इसका भी पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। कमेटी यह भी जांच करेगी कि इस तरह के मामलों को रोकने के लिये किन सरकारी नियमों के अनुपालन में शिथिलता बरती गई है और इसके लिये कौन जिम्मेदार है। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिये कमेटी अपने सुझाव भी देगी। कमेटी को अपनी रिपोर्ट 48 घंटे में सौंपने का आदेश दिया गया है।
पिछले कुछ सालों में जहरीली शराब से हुई मौतें
- मार्च 2019: कानपुर के घाटमपुर में जहरीली शराब पीने से 7 लोगों की मौत
- फरवरी 2019: सहारनपुर  व उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से 107 लोगों की मौत
- अगस्त 2018: शामली में जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत
- जुलाई 2017: आजमगढ़ में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत
- मई 2018: कानपुर देहात में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत
- जनवरी 2018: बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत
- जनवरी 2015: लखनऊ के मलिहाबाद में जहरीली शराब पीने से 47 लोगों की मौत
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आरोपियों पर हत्या का मुकदमा, लगेगा रासुका
एसपी बाराबंकी अजय कुमार साहनी ने बताया कि पिता छोटेलाल व तीन भाइयों मुकेश, रमेश और सोनू को खोने वाले मोनू ने लाइसेंसी दानवीर सिंह, मनीष सिंह व सेल्समैन पप्पू जायसवाल के खिलाफ हत्या और मिलावटी शराब बेचने की एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने दुकान पर बैठने वाले एक अन्य सेल्समैन सुनील को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। एसपी साहनी ने बताया कि मृतक छोटेलाल के बेटे मोनू द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अलावा पुलिस की ओर से भी जहरीली शराब बेचने का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इसमें मृत्युदंड की सजा है। यही नहीं, मृतकों के परिवारीजनों की ओर से अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे और आरोपियों पर रासुका भी लगाई जाएगी। बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों को रवाना कर दिया गया है।


Posted By: Shweta Mishra

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