आपकी जेब पर बढ़ेगा बोझ

2019-07-09T06:00:23Z

120 ट्रांसपोर्टर हैं प्रयागराज में

200 टन माल आता है प्रतिदिन

10 रुपए प्रति क्विंटल और दस रुपए प्रति नग बढ़ा दिया गया माल भाड़ा

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-डीजल-पेट्रोल पर सेस के बाद लोकल ट्रांसपोर्टर्स ने माल भाड़ा बढ़ाया

-सब्जी, फल और अन्य सामानों का दाम बढ़ने की संभावना

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: आम बजट-2019 में लिए गए निर्णय का असर जल्द ही आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है। केंद्र सरकार द्वारा डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद एवं सीमा शुल्क बढ़ाने व सड़क निर्माण उपकर लगाने की वजह से प्रयागराज के लोकल ट्रांसपोर्टर्स ने माल भाड़ा 10 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है। नेशनल ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन कभी भी माल भाड़ा बढ़ाए जाने का ऐलान कर सकता है।

ट्रांसपोर्टर हैं नाराज

आम बजट-2019 में लिए गए निर्णय से देशभर के ट्रांसपोर्टर नाराज हैं। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय सीधे तौर पर जनता से जुड़ा है। इसके बाद भी सरकार ट्रांसपोर्टर्स पर ध्यान नहीं दे रही है। नेशनल ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन ने अभी तक माल भाड़ा बढ़ाए जाने पर कोई खास निर्णय नहीं लिया है। लेकिन प्रयागराज ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने माल भाड़ा रुपए प्रति कुंतल और दस रुपए प्रति नग बढ़ा दिया है।

मुट्ठीगंज वालों को देना होगा एक्स्ट्रा

देश के किसी भी कोने से ट्रांसपोर्ट नगर में माल पहुंचने के बाद जब व्यापारी उसे ले जाना चाहेगा, तो उसे अब प्रति क्विंटल दस रुपए एक्स्ट्रा भाड़ा ट्रांसपोर्टर को देना पड़ेगा। अभी तक ट्रांसपोर्ट नगर से झूंसी, फाफामऊ, नैनी आदि बाहरी इलाकों में माल ले जाने पर 60 रुपए प्रति क्विंटल भाड़ा लगता था। वहीं अब 70 रुपए प्रति क्विंटल भाड़ा व्यापारियों को देना होगा। बहादुरगंज, चौक, मुट्ठीगंज का भाड़ा 50 रुपये प्रति क्विंटल अभी तक लगता था। यहां अब 60 रुपए प्रति क्विंटल देना होगा। बड़ी गाडि़यों का भाड़ा जल्द ही और बढ़ने वाला है।

ट्रांसपोर्टरों पर भार क्यों?

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि जब वे सरकार को सभी टैक्स दे रहे हैं, जीएसटी भी दे रहे हैं तो फिर ऐसे में सेस क्यों बढ़ाया जा रहा है। डीजल का रेट बढ़ने से भी ट्रांसपोर्टरों पर अतिरिक्त भार बढ़ गया है। जीएसटी के नियम व कानून से ट्रांसपोर्टर पहले से परेशान हैं। ई-वे बिल की बाध्यता व नियम से ट्रांसपोर्टरों को काफी दिक्कत हो रही है।

वर्जन-

सरकार ने ई-वाहनों पर तो जोर दिया है, लेकिन आम लोगों की जिंदगी को सीधे प्रभावित करने वाले ट्रांसपोर्ट व्यापार के विकास के बारे में सरकार कुछ नहीं सोचती है।

-अनिल कुशवाहा,

पदाधिकारी

प्रयागराज ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन


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