बड़े करिश्माई ये दो भाई

2014-09-28T07:00:35Z

कच्ची उम्र के बड़े खिलाड़ी

एक की उम्र 16 और दूसरे की 18. दोनों आपस में सगे भाई। उम्र बहुत ज्यादा नहीं मगर इनके कारनामे शातिराना है। पलक झपकते ही महंगी बाइक्स, लैपटॉप या मोबाइल उड़न छू कर देना इनके बांये हाथ का खेल है। हालांकि अब ये पुलिस कस्टडी में हैं। पुलिस ने जबके कारनामों की दास्तान सुनी तो वह भी हैरान हो गयी। आप भी जानिये इनकी दास्तान।

सेब-केले के बदले ये देते थे बाइक

- एक दर्जन से ज्यादा बाइक चोरी को अंजाम देने वाले सगे भाई आये गिरफ्त में

- निशानदेही पर चोरी की आधा दर्जन बाइक्स के साथ लैपटॉप व अन्य सामान बरामद

- फलों के बदले ये गिरवी रखते थे चोरी का सामान, ग्राहक मिलने पर देते थे बेच

VARANASI : दो भाई, एक की उम्र क्म् साल और दूसरे की क्8 साल है। देखने में इतने मासूम कि कोई भी इनकी बातों में आसानी से आ जाए। हरकत से इतने शातिर कि पलक झपकते बाइक उड़ा देते हैं। कार सवारों को झांसा देकर उनके लैपटॉप व कीमती सामान पार कर देते हैं। फिर उसे केले-सेव के बदले गिरवी रख देते थे। कस्टमर मिलने पर गिरवी रखे चोरी के सामान को छुड़ाकर उसे बेच देते थे। अपने इस करिश्माई अंदाज में वारदात देने की फिराक में शनिवार को सोनिया पोखरा के पास सिगरा पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इनकी निशानदेही पर चोरी की आधा दर्जन बाइक्स व लैपटॉप बरामद हुए। पूछताछ में पुलिस को ऐसी-ऐसी जानकारी दी कि उसके भी होश उड़ गए।

सिगरा व लक्सा था निशाने पर

सिगरा थाने पर पकड़े गए बाइक लिफ्टर्स को मीडिया के सामने लाते हुए सीओ चेतगंज----- ने बताया कि सिगरा पुलिस को इंफॉर्मेशन मिली थी कि दो शातिर बाइक लिफ्टर्स सोनिया पोखरा के पास मौजूद हैं। वह किसी वारदात को अंजाम देना चाहते हैं। इस पर एसओ शिवानन्द मिश्र, एसआई विनय राय, एसआई चंद्रकेश शर्मा समेत टीम ने घेरेबंदी कर ली। इस दौरान पुलिस को वहां दो मासूम युवक दिखे। दोनों पुलिस को देख भागने लगे लेकिन पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। कड़ाई से पूछताछ करने पर टूट गए। एक नेअपना नाम कौशिक मिश्र और दूसरे ने कौशल मिश्र बताया। दोनों सगे भाई हैं। दोनों ने गाडि़यां चुराने की बात स्वीकार की। बताया कि वे सिगरा और लक्सा एरिया से कई बाइक्स चुराकर बेच चुके हैं।

गाड़ी चलाने का था शौक

पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों भाइयों ने बताया कि वह मूलरूप से भांवरकोल गाजीपुर के रहने वाले हैं। ठेला-खुमचा लगाने वाले पिता के साथ जवाहर नगर सोनिया में किराए के कमरे में रहते हैं। उन्हें बाइक चलाने का शौक था। घर की माली हालत अच्छी नहीं होने की वजह से गार्जियन उन्हें बाइक नहीं दिला सके। इस पर उन्होंने बाइक चुराकर चलाने का प्लैन बनाया। दोनों भाइयों ने इसके लिए मास्टर चाभी का इंतजाम किया। एरिया के रहने वाले एक लड़के ने इसमें उनकी मदद की। मास्टर की मिलने के बाद दोनों बाजार, मॉल, दुकान की पार्किग के बाहर रोड किनारे खड़ी गाडि़यों को उड़ाने लगे। एक भाई बाइक ओनर पर नजर रखता था दूसरा उसे मास्टर की से खोलता था। बाइक का लॉक खुलने के बाद लेकर भाग निकलते थे।

केले के बदले बाइक गिरवी

बाइक लिफ्टर दोनों भाई पहले जी भरकर बाइक को चलाते थे। इसके बाद उसे किसी दुकानदार के पास चार-पांच सौ रुपये का इतने के ही सामान आदि के बदले गिरवी रख देते थे। कई बार उन्होंने दस दर्जन केला या पांच किलो सेव के बदले भी बाइक को गिरवी रखा था। इसके बाद वह बाइक को बेचने के लिए कस्टमर तलाशते थे। कस्टमर मिलने पर गिरवी पर रखी बाइक को छुड़ाकर उसे पांच-दस हजार में सेल कर देते थे। इन रुपयों का इस्तेमाल वह पार्टी करने व कपड़े-जूते आदि खरीदने में करते थे।

कइयों को बनाया बेवकूफ

पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों भाई सिर्फ बाइक ही नहीं उड़ाते थे। लैपटॉप, मोबाइल आदि महंगे सामान चुराना भी इनके शौक में शामिल था। इसके लिए बड़ा ही नायाब तरीका अपनाते थे। जिस किसी कार में लैपटॉप आदि महंगा सामान नजर आता था उसे प्लैनिंग के साथ निशाना बनाते थे। दोनों कार के पास पचास या सौ रुपये की नोट गिरा देते थे। एक भाई कार सवार को बताते हुए गुजर जाता था कि आपका रुपया रोड पर गिरा है। कार सवार जब रुपये लेने उतरता था तो इसी बीच दूसरा भाई कार में रखा महंगा सामान उड़ा देता था। पुलिस ने ऐसे ही एक कार से उड़ाया गया लैपटॉप, बैंक का चेकबुक समेत अन्य सामान बरामद किये हैं।


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