Union Budget Expectations 2019 For Farmers जय किसान! मोदी 20 के पहले बजट में किसानों के लिए बड़े ऐलान की उम्मीद

2019-07-05T11:25:21Z

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में मोदी सरकार के दूसरे सत्र में बतौर वित्त मंत्री अपना पहला बजट पेश करने जा रही हैं। अपेक्षा की जा रही है कि इस Union Budget 2019 में किसानों और मछुआरों का विशेष ध्यान रखा जायेगा।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने बजट में किसानों और मछुआरों पर खासा मेहरबान हो सकती हैं। इसकी वजह पीएम नरेंद्र मोदी के चुनाव में किसानों के लिए किए वादों से जोड़कर देखा जा रहा है। लोगों ने उनके वादों पर भरोसा किया और उन्हें फिर से सरकार बनाने के लिए भारी जनादेश दिया। मत्स्य पालन का अलग से विभाग बनाना उनके वादों की एक तरह से शुरुआत माना जा रहा है। बजट में 'नीली क्रांति' को लेकर किसी स्कीम की घोषणा की जा सकती है। बीजेपी के छोटे मछुआरों को ध्यान में रखकर किए भंडारण और विपणन क्षमता विकसित करने के वादे के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।
ये हो सकते हैं प्रस्ताव
सूत्रों की माने तो इस बजट में कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देना, राष्ट्रीय वनस्पति तेल मिशन की शुरुआत करना, प्रमुख फसल बीमा योजना में सुधार करना, इज़राइली ड्रिप सिंचाई तकनीक का व्यापक प्रचार-प्रसार करना और जल-संबंधित परियोजनाओं पर मनरेगा के खर्च का प्रमुख हिस्सा देना ऐसे कुछ अन्य प्रस्ताव हैं, जिन पर सरकार योजनायें ला सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी कि, किसानों को बजट में अच्छी तरह समायोजित किया जा सके ताकि उन्हें उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। उम्मीद है कि मोदी सरकार का ध्यान पानी पर भी होगा, जैसा कि एक अलग जल शक्ति मंत्रालय का गठन कर अंडरलाइन किया गया है। क्योंकि बजट में 75% ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना पर खर्च करने का प्रस्ताव शामिल है, ये अनुमान पानी से संबंधित परियोजनाओं पर पिछले पांच वर्षों में किए गए फोकस  और मनरेगा के आवंटन के चलते लगाया जा रहा है।

अन्य संभावनायें
घरेलू उद्योग और ऑइल सीड ग्रोअर्स को प्रोत्साहित करने के लिए ड्रिप इरिगेशन और फर्टिगेशन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जो सरकार के भारी आयात को रोकने के प्रयासों के अनुरूप है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 14,000 करोड़ रुपये के संभावित आवंटन के सुधार की भी संभावना है। सूत्रों का कहना है कि 10,000 नए फार्म निर्माता संगठनों (एफपीओ), राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ माइक्रो इरिगेशन और नए कृषि गोदामों के तहत दो करोड़ हेक्टेयर के लिए प्रस्ताव लाने की एक व्यापक योजना भी है।


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