अब तो हटाने ही होंगे घोटालों के यूनीपोल

2017-04-03T07:40:11Z

- शहर में केवल 43 यूनीपोल की है अनुमति

- बिना अनुमति के लगे हैं सैंकड़ों यूनीपोल

मेरठ। घोटाले छिपाए जाते हैं। फाइलों में दब जाते हैं। लेकिन शहर में घोटालों के होर्डिग लगे हैं। एक-दो नहीं, सैकड़ों। अब बात हो रही है कि शहर में लगे अवैध यूनीपोल जल्द हटाए जाएंगे। इसके लिए अभियान चलेगा। संबंधित कंपनी पर कार्रवाई भी होगी और अवैध यूनीपोल लगाने वालों से वसूली भी की जाएगी। नगर आयुक्त ने संपत्ति अधिकारी को दस दिन में अवैध यूनीपोल को हटाने के निर्देश जारी किए हैं। यह दीगर है कि किसी ने भी नगर निगम के नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया है।

43 यूनीपोल को इजाजत

नगर निगम ने विभिन्न कंपनियों को शहर में 43 यूनीपोल लगाने की इजाजत दे रखी है, जिसमें से 26 शहर में व 17 यूनीपोल चौराहों पर लगाने की अनुमति निगम ने ठेकेदारों को दे रखी है। उसके अलावा शहर में लगे सैंकड़ों यूनीपोल अवैध रूप से लगे हुए हैं।

दिए गए थे नोटिस

तीन माह पहले नगर निगम ने विभिन्न ठेकेदारों को एक करोड़ रुपये से अधिक का नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी कर पैसा जमा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक इस मामले में न तो कोई पैसा जमा हुआ है और न ही कोई कार्रवाई हुई।

संपत्ति अधिकारी पर हुई कार्रवाई

अवैध यूनीपोल को लेकर एक माह पहले नगर आयुक्त ने संपत्ति अधिकारी को सस्पेंड किया था। पहले लगे यूनीपोल व चुनाव के दौरान लगे अवैध होर्डिग न हटाने पर संपत्ति अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की थी।

लगते रहते हैं आरोप

नगर निगम संपत्ति अधिकारी सहित अनेक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगते रहे हैं। इसमें अधिकारियों द्वारा पैसे लेकर अवैध होर्डिग व यूनीपोल लगाने के आरोप लगे रहे हैं।

कई बार हो चुके हैं हादसे

अवैध यूनीपोल से अनेक बार हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके नगर निगम के अधिकारी अवैध यूनीपोल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते। हां खानापूर्ति के लिए जरूर एक दो दिन अभियान जरूर चलाया जाता है।

महापौर ने चलाया था अभियान

अवैध यूनीपोल को लेकर महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने अभियान चलाया था। महापौर ने खुद खड़े होकर अवैध यूनीपोल व होर्डिग को हटावाए थे, लेकिन बाद में महापौर को बैकफुट पर आना पड़ा था।

ये हुए हैं हादसे

- जुलाई 2016 में आंधी और तूफान में तेजगढ़ी चौराहे पर एक कार के ऊपर होर्डिग गिर गया था। उसमें एक युवक को खासी चोट आई थी।

- 26 फरवरी 2015 : आंधी में दर्जनभर स्थानों पर विशाल यूनिपोल और होर्डिग गिरे। जिनमें दबकर आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।

- 10 मई 2014 : पीवीएस रोड पर तेज हवा से महिला प्रीति के ऊपर यूनिपोल गिरा। महिला अपाहिज हो गई।

- 22 दिसंबर 2014 : हापुड़ रोड पर अवैध होर्डिग के नीचे कार दबने से कृभको के एरिया मैनेजर और उनकी सास की मौत हो गई।

- 27 मई 2013 : आंधी के चलते हापुड़ रोड चुंगी पर होर्डिग गिरने से युवक मुजबिल की मौत हो गई थी।

अभी 24 घंटे ही हुए हैं चार्ज संभाले हुए। नगर आयुक्त के निर्देश के अनुसार कार्य योजना बनाई जा रही है। जल्द ही अवैध यूनीपोल हटाए जाएंगे और कार्रवाई की जाएगी।

-दिनेश यादव संपत्ति अधिकारी नगर निगम

दो गुनी वसूली

नगर निगम की ओर से यूनीपोल का औसतन रेट महज 20 हजार रुपए सालाना है, जबकि ठेकेदार लोकेशन के हिसाब से 50 से 80 हजार रुपए तक वसूल रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार शहर में 500 यूनीपोल अवैध हैं और हर साल इनसे लगभग 3 करोड़ रुपए की वसूली होती है। ये खेल पिछले कई सालों से चल रहा है, जबकि नगर निगम को महज 8.60 लाख रुपए सालाना ही मिलते हैं।

नगर निगम के रेट

दिल्ली रोड- 22 हजार रुपये

बेगमपुल रोड- 22 हजार रुपये

यूनिवर्सिटी रोड- 18 हजार रुपये

(ये रेट प्रति वर्ष के हैं)


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